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अंधेरे में जानलेवा है संजय नगर की डगर

By: Inextlive | Publish Date: Sat 20-May-2017 07:41:45
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अंधेरे में जानलेवा है संजय नगर की डगर

वार्ड संख्या - 11, संजय नगर

वार्ड सभासद - सीता पटेल, हाईस्कूल

जनसंख्या - करीब 50,000

वोटर्स - 22000

वार्ड में मोहल्ले - हजियापुर, नवादा, संजयनगर

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वार्ड सभासद - सीता पटेल, हाईस्कूल

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वार्ड में मोहल्ले - हजियापुर, नवादा, संजयनगर

BAREILLY:

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एरिया व आबादी के हिसाब से शहर के सबसे बड़े वा‌र्ड्स की लिस्ट में वार्ड क्क् संजयनगर भी शुमार है। वार्ड बड़ा है, आबादी भी भ्0 हजार के करीब है तो समस्याएं भी कम नहीं है। नाला, सड़क, बिजली व सफाई जैसी मूलभूत सुविधाओं में कमी इस वार्ड में भी बहुत हैं, लेकिन इन समस्याओं के अलावा वार्ड के लोगों की बड़ी दिक्कत शराब की दुकान भी है। पिछले दिनों संजयनगर में शराब की दुकान को बंद कराने की मांग पर करीब क् हजार से ज्यादा लोग सड़क पर उतरे थे। हंगामा के बाद प्रशासन ने फौरी तौर पर दुकान पर ताला लगवा दिया था, लेकिन क्0 दिन बाद फिर से शराब की दुकान खुल गई। इतना ही नहीं स्ट्रीट लाइट्स खराब होने से जर्जर सड़कों पर लोग अंधेरे में ही सफर करने को भी मजबूर है। जो जानलेवा हादसों के लिए खतरनाक है। वार्ड स्कैन मुहिम में दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की टीम फ्राइडे को यहां पहुंची तो लोगों ने पार्षद के साथ ही जिला प्रशासन और नगर निगम पर भी अपना गुस्सा जताया।

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हक और हकीकत

नाली पर स्लैब से हादसे का डर

स्पोटर्स स्टेडियम से जैसे ही संजय नगर के लिए मुड़ते हैं, तो बीच सड़क पर नाली का स्लैब टूटा हुआ है, जो हादसों का सबब बन सकता है। इसकी शिकायत कई बार करने के बाद भी सिर्फ आश्वासन ही मिला। टूटा स्लैब लोगों के लिए जानलेवा न बने इसके लिए निवासी कभी नाली पर कभी डंडा, हरी टहनी या कभी कभार आस पास ईटों से घेरा बनाकर काम चलाऊ तरीके से लोगों की मदद करने को मजबूर हैं.

ट्रांसफॉर्मर से खतरा

मेन रोड से चंद कदम आगे बढ़ते ही खतरनाक तरीके से बिना जाल का ट्रांसफॉर्मर दिखाई दिया। ट्रांसफॉर्मर के जाल टूट जाने से इसकी चपेट में आने से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रोड पर तारों का जाल बिखरा पड़ा है। कई बार निवासियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर बिजली विभाग पहुंचकर मांगे की, लेकिन हर बार उन्हें वहां से आश्वासन देकर टरका दिया गया। पार्षद भी इस अभियान में मौजूद रहीं थी। जिसका भी कोई असर अधिकारियों पर नहीं हुआ.

सड़कें नदारद

पार्षद के मुताबिक कई कॉलोनी में सड़कों का निर्माण कराया गया है। ठेकेदारों पर आरोप लगाए कि घटिया सामग्री का प्रयोग कर हुए निर्माण कार्य उखड़ गए हैं। शिकायत की तो जांच के आदेश हुए पर अभी तक जांच शुरू भी न हो सकी। हालांकि, निवासियों ने पार्षद की मिलीभगत की भी संभावना जताई है। वहीं, इन सड़कों पर जलभराव की समस्या भी वर्षो से चली आ रही है। जिसको दूर करने का प्रयास सफल नहीं हुआ है.

अतिक्रमण का दर्द

समूचे शहर की तरह ही इस वार्ड में भी लोग अतिक्रमण का दर्द सहने को मजबूर हैं। निवासियों के मुताबिक कई बार मांग करने के बाद भी नगर निगम द्वारा चलाए जाने वाला अतिक्रमण अभियान यहां नहीं शुरू हुआ। जबकि वार्ड के मुख्य मार्गो पर दुकानदारों ने अपना अवैध कब्जा जमा रखा है, जिससे मुख्य मार्ग संकरे हो गए हैं। आरोप है कि पार्षद ने भी इसे हटाने का प्रयास मन से नहीं किया.

खराब स्ट्रीट लाइट्स

वार्ड में सड़कों पर उजियारा करने के लिए लगाई गई स्ट्रीट लाइट्स ही खुद अंधेरे में हैं। यह लाइट्स पिछले कई साल से खराब पड़ी हुई हैं, लेकिन नगर निगम प्रकाश विभाग ने इन्हें बदलने व नई लाइट्स लगवाने को कोई एक्शन नहीं लिया। हालांकि निवासियों की शिकायत पर पार्षद की ओर से नगर निगम में यह मामला हर बार उठाया जाता रहा है, लेकिन मामले की जांच के आदेश देते हुए नई लाइट्स लगाने का आश्वासन ही नसीब हुआ पर उजियारा नहीं मिला।

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पब्लिक डिमांड

- वार्ड में दो पार्क का निर्माण कराया जाए

- सड़कों पर लगा अतिक्रमण हटाया जाए

- सड़क जर्जर होने पर ठेकेदार पर कार्रवाई हो

- शराब की दुकान बंद हो या शिफ्ट कराएं

- स्ट्रीट लाइट ठीक हों, जलभराव खत्म हो

- क्ख् अवैध तबेलों को शिफ्ट किया जाए

वार्ड बोलता है

पार्षद ने कई सारे काम कराने का प्रयास किया पर जब नगर निगम के अधिकारी ही साथ नहीं दे रहे हैं तो पार्षद आखिर क्या करें। सड़कें बनवाई, स्ट्रीट लाइट लगवाई, जलभराव खत्म करने का प्रयास किया है.

बबलू पटेल, व्यावसायी

वार्ड में अतिक्रमण की समस्या बढ़ती जा रही है। जिसकी वजह से आए दिन यहां जाम लगा रहता है। जाम हटवाना की जिम्मेदारी पुलिस की है या पार्षद की? हर कोई अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाए तो विकास होगा।

सर्वेश, सर्विसपर्सन

क्ख् अवैध तबेले को शिफ्ट कराने के लिए नगर निगम और प्रशासन से शिकायत की थी। पर वह हटाए नहीं जा सके। इसे प्रशासन, नगर निगम और पार्षद में इच्छाशक्ति की कमी कही जाएगी। जब सब चाहेंगे तभी कुछ संभव है.

संतोष, व्यावसायी

वार्ड में महीनों से ट्रांसफार्मर का जाल टूटा हुआ है। नाली पर स्लैब टूटा पड़ा है। दोनों ही किसी दिन बड़े हादसे की वजह बनेंगे। इन्हें जल्दी ठीक किया जाना चाहिए। पार्षद ने प्रयास किया पर अधिकारियों ने सपोर्ट नहीं किया।

प्रेम सिंह, व्यावसायी

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जवाब दो पार्षद जी

रिपोर्टर - जलभराव की समस्या से कैसे निपट रहे हैं?

पार्षद - जलभराव बहुत पुरानी समस्या है। कई बार बारिश में हुए जलभराव को मोटर के जरिए सड़कों से हटाया गया पर ग्राउंड लेवल नीचे होने से पानी फिर से सड़कों पर आ जाता है।

रिपोर्टर - खराब स्ट्रीट लाइट्स को कैसे सही कराएंगे?

पार्षद - स्ट्रीट लाइट हर रोड पर खराब हो चुकी है। कई बार बोर्ड बैठक में प्रकाश विभाग के साथ झड़प हुई है। जांच के आदेश के साथ ही नई लाइट लगाने के आदेश हो चुके हैं.

रिपोर्टर - तबेले शिफ्ट करने की क्या योजना है?

पार्षद - तबेले इस वार्ड में ही नहीं हर वार्ड में समस्या बने हुए हैं। पॉश कॉलोनियों के तबेले नहीं हटे हैं तो यहां कैसे हटेंगे। अधिकारियों को सब पता है पर वह कुछ करते ही नहीं।

रिपोर्टर - हाल ही में बनी सड़के जर्जर हो गई हैं?

पार्षद - हां, कुछ जगहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स उखड़ गई हैं तो कई जगहों पर ठेकेदार ने आधा अधूरा काम किया है। दोनों ही मामलों की शिकायत अधिकारियों से की गई। जिसकी जांच चल रही है.

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