किसी को अचानक छूने से लगता है बिजली का झटका, तो जान लीजिए इसका असली कारण

By: Inextlive | Publish Date: Fri 14-Jul-2017 08:10:01
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किसी को अचानक छूने से लगता है बिजली का झटका, तो जान लीजिए इसका असली कारण
हिंदी फिल्‍मी गानों में आपने सुना होगा कि लड़की को छूने से 440 वोल्‍ट का इलेक्‍ट्रिक शॉक लगता है, लेकिन जनाब रियल लाइफ में भी ऐसा हो सकता है। शायद आपने महसूस किया होगा कि कभी कमरे का डोरनॉब पकड़ते समय या किसी इंसान का हाथ अचानक छू जाने पर हल्‍का झटका सा लगता है। ऐसा क्‍यों होता है, आज जान ही लीजिए इसका राज।

हम सब में मौजूद एटम्‍स करते हैं ये कमाल
इस दुनिया में मौजूद हर चीज एटम्‍स से बनी है। ये बात तो शायद आपने साइंस में पढ़ी होगी। आंखों से न दिखने वाले ये एटम्‍स तीन तरह के पॉजिटिव, निगेटिव और न्यूट्रल टाइप के होते हैं यानि इलेक्‍ट्रॉन, प्रोटॉन और न्‍यूट्रान। जब किसी भी चीज में मौजूद इलेक्‍ट्रॉन और प्रोटान की क्‍वांटिटी बराबर होती है तो ये न्‍यूट्रल रहते हैं, लेकिन जैसे ही इनकी मात्रा में अंतर आता है वैसे ही इलेक्‍ट्रॉन बहुत तेजी से घूमना शुरु कर देते हैं। दरअसल ये इलेक्‍ट्रॉन और प्रोटॉन हर जगह और हर चीज में बराबर बने रहने की कोशिश करते हैं। इसी कोशिश में इलेक्‍ट्रॉन्‍स की ये तेज मूवमेंट स्‍टैटिक डिस्‍चार्ज पैदा करती है। बादलों से चमकती बिजली के मामले में भी कुछ ऐसा ही होता है।


बढ़े हुए इलेक्‍ट्रान बनते हैं झटके का कारण
जब किसी चीज में इलेक्‍ट्रॉन की मात्रा बढ़ जाती है तो उसमें एक निगेटिव चार्ज पैदा होने लगता है। दूसरे शब्‍दों में कहें तो ये बढ़े हुए इलेक्‍ट्रॉन दूसरे ऑब्‍जेक्‍ट के पॉजिटिव इलेक्‍ट्रॉन की ओर आकर्षित होते हैं। जैसे ही कोई पॉजिटिव चार्ज वाली चीज या इंसान उसके संपर्क में आता है, तो वो इलेक्‍ट्रॉन बहुत तेजी से उसकी ओर प्रवाहित होते हैं। यही तेज इलेक्‍ट्रॉनिक प्रवाह आपको बिजली के झटके सा एहसास कराता है।

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सर्दियों में लगते हैं ज्‍यादा झटके
आप आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये इलेक्‍ट्रॉन किसी चीज या इंसान में बढ़ते कैसे हैं। इस पर भी मौसम का जबरदस्‍त प्रभाव पड़ता है। नमी है इसकी मुख्‍य वजह। जहां नमी ज्‍यादा होगी वहां इलेक्‍ट्रॉन की मात्रा नॉर्मल रहेगी। सूखे और रूखे यानि सर्दियों के मौसम में हवा में नमी बहुत कम होती है, इससे हर चीज या शरीर में इलेक्‍ट्रॉन बढ़ते हैं और निगेटिव चार्ज पैदा होता है, जो झटके की वजह बनता है। गर्मियों में झटका लगने की पॉसिबिलिटी बहुत कम होती है, क्‍योंकि उस समय हवा में मौजूद नमी निगेटिव चार्ज यानि इलेक्‍ट्रॉन की मात्रा को बढ़ने नहीं देती। धातु से बनी चीजों यानि इलेक्‍ट्रिक कंडक्‍टर को छूने पर ज्‍यादातर ऐसा एहसास होता है, क्‍योंकि धातुओं में इलेक्‍ट्रॉन आसानी से घूम सकते हैं।

तो अगली बार से किसी चीज या इंसान को छूने से बिजली का झटका लगे तो जान लीजिएगा कि आप में मौजूद पॉजिटिव इलेक्‍ट्रॉन ही ये कमाल दिखा रहे हैं।

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