एक ही भाषा बोलते हैं शाहरुख-सईद: योगी आदित्यनाथ

By: Inextlive | Publish Date: Wed 04-Nov-2015 05:45:00   |  Modified Date: Wed 04-Nov-2015 05:47:01
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एक ही भाषा बोलते हैं शाहरुख-सईद: योगी आदित्यनाथ
GORAKHPUR: 'शाहरुख खान को हाफिज सईद पाकिस्तान आने का निमंत्रण देता है. शाहरुख जैसा व्यक्ति इस देश में रहकर देश के बहुसंख्यक समाज के खिलाफ बोलता है. वे जो बोलते हैं, वही भाषा हाफिज सईद भी पाकिस्तान में बैठकर बोल रहा है. दोनों की भाषा में क्या अंतर है.' शाहरुख खान पर ये तीर छोड़े हैं गोरखपुर सांसद और बीजेपी के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने. अपनी ही पार्टी के महासचिव व मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस दिन देश की जनता ने शाहरुख खान की फिल्म का बहिष्कार करना शुरू कर दिया, उसी दिन वे रोड पर आ जाएंगे. गौरतलब है कि कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि शाहरुख की आत्मा पाकिस्तान में है और वे राष्टविरोधी हैं. जिसके बाद बीजेपी नेता साध्वी ने कहा था कि शाहरुख पाकिस्तानी एजेंट हैं.

देश को बदनाम करने की साजिश

योगी आदित्यनाथ ने शाहरुख के अलावा लालू-नीतीश को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि 'लालू और नीतीश देश के बहुसंख्यक समाज को बदनाम करने के लिए लगातार बयानबाजी कर रहे हैं. ऐसे में बिहार के एक सांसद ने दोनों नेताओं को पाकिस्तान भेजने की बात कह कर कुछ गलत नहीं किया. लालू-नीतीश और पाकिस्तान नेताओं के बयान में कोई अंतर नहीं है. सेक्युलरिज्म के नाम पर देश में वामपंथी विचारधारा के कुछ लेखकों व कलाकारों ने भाजपा नहीं, बल्कि भारत विरोध स्वर उठाने शुरू किए हैं. दुर्भाग्य है कि उनमें शाहरुख खान जैसे लोगों का नाम भी है. देश को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बदनाम करने के लिए बुद्घिजीवी साजिश रच रहे हैं.'

 

जाएं पाकिस्तान, हम करेंगे स्वागत

उन्होंने एक धर्म विशेष को बदनाम करने पर भी तीखा रुख अपनाया. योगी ने कहा, 'हाफिज सईद के बुलावे पर शाहरुख को पाकिस्तान चले जाना चाहिए. हम इसका स्वागत करेंगे. वहां जाने पर शायद इन्हें वास्तविकता समझ में आ जाए.' एक आतंकी और शाहरुख खान की तुलना के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब आतंकियों की भाषा ही बोल रहे हैं. दोनों की भाषा में कोई फर्क नहीं है.

 

नेपाल की हालत चिंताजनक

सांसद ने बताया कि पड़ोसी देश नेपाल में भारतीय की मौत से प्रधानमंत्री मोदी नाराज हैं. उन्होंने कहा कि नेपाल के वर्तमान हालात बहुत चिंताजनक हैं. वहां की खराब स्थिति के लिए नेपाल का राजनीतिक नेतृत्व ही जिम्मेदार है. नेपाल का राजनीतिक समाज उन अंतर्राष्ट्रीय साजिशों का शिकार हो रहा है, जो भारत और नेपाल के ऐतिहासिक, प्राचीन और सांस्कृतिक संबंध को समाप्त कर रही हैं.