सावधानी बरतने से मिलेगी आनवांटेड मैसेज से निजात

By: Inextlive | Publish Date: Tue 21-Mar-2017 07:41:20
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सावधानी बरतने से मिलेगी आनवांटेड मैसेज से निजात

सावधानी बरतने से मिलेगी unwanted messages से निजात

- सोशल साइट्स पर डीएनडी लगाने से मिल सकती है निजात

- बेवजह मैसेज भेजने वाले को कर सकते है ब्लॉक

मेरठ। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की ओर से मंगलवार को वेस्टर्न रोड स्थित नारायणा इंस्टीटयूट, गायत्री पब्लिक स्कूल साकेत तथा यूनिवर्सिटी के मॉस कॉम डिपार्टमेंट में गर्मी लगी क्या कैंपेन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहरवासियों ने सोशल साइट्स व मोबाइल पर आने वाले आनवांटेड मैसेज के प्रति अपनी राय रखी है। लोगों ने कहा कि कंपनियों द्वारा इस प्रकार के मैसेज भेजने पर रोक लगनी चाहिए.

कार्रवाई क्यों नहीं होती

यूनिवर्सिटी के प्रशांत कुमार ने कहा कि ऐसे कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है। सरकार को चाहिए कि ऐसे कॉल या फिर मैसेज भेजने वालों को बैन कर देना चाहिए। वहीं विकास ने कहा कि ऐसे फोन कॉल व मैसेज बहुत परेशान करते हैं। दिन में दो दर्जन से अधिक ऐसे मैसेज और कंपनियों की फोन कॉलस आ जाती हैं।

सावधानी ही बचाव है

लोगों ने यह भी कहा है ऐसे मैसेज व फोन कॉल से बचा जा सकता है। इसके लिए हम लोगों को थोड़ी सावधानी बरतनी होगी। जिसस नंबर से फोन कॉल या फिर मैसेज अधिक आते हैं उस एक तो देखना नहीं चाहिए दूसरा उन पर डीएनडी यानि डो नोट डिस्टर्ब लगवा देना चाहिए।

अनवांटेड मैसेज की तो बाढ़ सी लगी रहती है। दिनभर में मुझे लगता है कि बीस से अधिक मैसेज आ जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल सोशल साइट्स का है। वहां पर बिना वजह के मैसेज बहुत आते हैं।

- डॉ। मनोज श्रीवास्तव सीसीएस यूनिवर्सिटी

मैंने तो ऐसे मैसेज व कॉल पर डीएनडी लगवा रखा है। पहले सुबह उठते ही कॉल व मैसेज आने शुरू हो जाते थे। दिनभर में परेशानी हो जाती थी। लेकिन डीएनडी लगवा देने से बहुत राहत मिली है। अब मैसेज व कॉल आनी बंद हो गई हैं.

- दीपिका कुमारी सीसीएस यूनिवर्सिटी

अब तो पता चल जाता है कि किसी कंपनी का फोन है या फिर किसी आदमी का। क्योंकि अधिकांश कंपनियों के फोन 140 से शुरू होते हैं। जबकि मैसेज का तो उनके नाम से पता चल जाता है। सोशल साइटस पर तो मैं अनजान मैसेज को देखता ही नहीं हूं।

- आशु चौधरी, डायरेक्टर नारायणा इंस्टीटयूट

सोशल साइटस पर तो बेकार के मैसेज बहुत आते हैं। मैं तो देखती ही नहीं हूं ऐसे मैसेज। कॉल्स पर भी अब तो ध्यान देना ही बंद कर दिया है। बल्कि मैं तो डीएनडी लगवाने की सोच रही है। जिससे किसी भी कंपनी की कॉल व मैसेज आए ही नहीं.

- नीतू नारायणा इंस्टीटयूट

सोशल साइट्स व फोन को यूज करते समय अपने आप को सावधानी बरतनी होगी। किस मैसेज अथवा कॉल को देखना है या फिर सुनना है यह मारे ऊपर निर्भर करता है। पहले सोशल साइटस का उपयोग केवल जरूरी चीज के लिए करना चाहिए।

- मंजू शर्मा, गायत्री पब्लिक स्कूल

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