24 या 26 सितंबर को चलेगा विशेष अभियान

टीकाकरण अभियाना में जिले के सभी 9 माह से लेकर 15 साल के बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाएगा

>Meerut. रुबेला वायरस की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24 या 26 सितंबर को व्यापक अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत पहली बार जनपद के 12 लाख से अधिक बच्चों को फ्री टीका लगाया जाएगा. विभाग ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है.

चलेगा टीकाकरण अभियान

शासन की ओर से इस साल प्रदेशभर के सभी जिलों में यह योजना पहली बार शुरू की जा रही है. जनपद में इस योजना को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में यह अभियान चलाएगा. इसके तहत 12 लाख से अधिक बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका लगवाने का लक्ष्य रखा गया है. इस योजना से जिले के सभी 9 माह से लेकर 15 साल के बच्चों को प्रतिरक्षित किया जाएगा. इसके अलावा आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के जरिए डोर टू डोर आउटरीच साइट्स में भी बच्चों को टीके लगवाए जाएंगे. इसके अलावा झुग्गी-झोपडि़यों व मलिन बस्तियों और बड़े निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के बच्चों को भी इसमें शामिल किया जाएगा.

यह है लक्षण

मीजल्स रूबेला संक्रमित बीमारी है, जिसमें तेज बुखार आना, अत्यधिक खांसी होना, जुकाम, नाक बहना, आंखें लाल होना, शरीर में चकत्ते होना इसके प्रमुख लक्षण है. इस बीमारी से बच्चा शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है. यहां तक की बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है इसलिए बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण जरूरी है.

गर्भपात का भी खतरा

प्रेग्नेंसी के दौरान यह वायरस गर्भ में प्रवेश करके गर्भवती महिलाओं को भी अपनी चपेट में ले सकता है. इस दौरान घुटनों में तेज दर्द के साथ ही होने वाले बच्चे की ग्रोथ में रुकावट आ सकती है. यह बीमारी जीनस-रुबि वायरस से होती है. इसे जर्मन खसरा भी कहते हैं.

मीजल्स रूबेला को पहली बार टीकाकरण अभियान में शामिल किया गया है. इस अभियान के लिए तैयारी शुरू कर दी गई हैं.

डॉ. राजकुमार, सीएमओ