LUCKNOW: किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी सहित प्रदेश भर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 10 फीसद एमबीबीएस और पीजी की सीटें बढ़ाई जाएंगी। ये सीटें सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बढ़ाई जाएंगी। इसके लिए सभी संबंधित कॉलेजों से एमसीआई को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इससे यूपी में करीब 424 सीटें बढ़ने का अनुमान है। लखनऊ के केजीएमयू और लोहिया इंस्टीट्यूट में भी सीटें बढ़ने का प्रस्ताव भेजा जा रहा है।

एमसीआई से मिले निर्देश
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 15 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की करीब 1990 सीटें हैं जबकि प्राइवेट में 2250 सीटें हैं। केंद्र के 10 फीसद सामान्य वर्ग के आरक्षण के तहत 424 एमबीबीएस सीटें बढ़ सकती हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने चिकित्सा शिक्षा विभाग को इस आरक्षण पर अमल करने के निर्देश दिए थे, जिस पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों की मानें तो बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश इस शुरू कर पाना मुश्किल है। प्रस्ताव एमसीआई के पास जाएगा और वहां से इंस्पेक्शन के बाद एनओसी मिलने में समय लगेगा। ऐसे में बढ़ी हुई सीटों पर प्रवेश अगले सत्र से ही हो पाने की संभावना है।

बनेंगे ज्यादा डॉक्टर
डीजीएमई डॉ। केके गुप्ता ने बताया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सीटे बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। सब ठीक रहा तो प्रदेश में सरकारी कॉलेजों में 199 और प्राइवेट कॉलेजों में 225 सीटे बढ़ेंगी जबकि पांच नए जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेजों में बदलने पर 700 एमबीबीएस सीटें होंगी। इन पर भी इसी वर्ष एडमिशन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

केजीएमयू में सबसे अधिक सीटें
केजीएमयू के सीएमएस डॉ। एसएन शंखवार ने बतायाकि अभी 250 एमबीबीएस और 70 बीडीएस की सीटे हैं जबकि 272 पोस्ट ग्रेजुएट जिनमें एमडी, एमएस व डिप्लोमा सीटे हैं। मंगलवार को वीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर वार्ता की गई है। सभी विभागों में पीजी की और एमबीबीएस की 10 फीसद सीटे बढ़ाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। केजीएमयू में एमबीबीएस की 25, बीडीएस की सात और पीजी की भी 27 से 30 सीटे बढ़ने का अनुमान हैं।