जीवीके ईएमआरआई का दावा, सरकार पर छह करोड़ से अधिक का बकाया

स्वास्थ्य विभाग का दावा कंपनी के पास टीडीएस के रूप में करीब 3 करोड़ मौजूद

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देहरादून

6 करोड़ रुपये से ज्यादा भुगतान न लिये जाने से 108 एंबुलेंस सेवा पर ब्रेक लग गया है. स्वास्थ्य विभाग और संचालक कंपनी के बीच इस बात को लेकर ठन गई है. 108 का संचालन कर रही कंपनी जीवीके ईएमआरआई का दावा है कि सरकार पर उसका छह करोड़ से अधिक का बकाया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कंपनी को करीब तीन करोड़ का सरप्लस भुगतान किया हुआ है. इस मसले पर वेडनस डे को शासन स्तर पर बैठक बुलाई गई है.

मार्च में समाप्त हुआ अनुबंध

बजट के अभाव में 108 का संचालन रुकने से एक बार फिर मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. 108 का संचालन कर रही जीवीके ईएमआरआई एक गैर लाभकारी संस्था है और नियमानुसार इसका टीडीएस नहीं कटता. जबकि गत वषरें में टीडीएस कटता रहा. ऐसे में विभाग ने संस्था को आयकर विभाग से गत वषरें का टीडीएस प्राप्त करने के लिए कहा है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के पास इस मद में करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक का सरप्लस है. कंपनी का 2008 में राज्य सरकार के साथ अनुबंध हुआ था और मार्च 2018 में यह अनुबंध समाप्त हो गया. इसके बाद इसे सितम्बर 2018 तक छह माह का एक्सटेंशन दिया गया. सितम्बर में कंपनी को फिर एक बार छह माह का एक्सटेंशन दे दिया गया.

नये टेंडर की प्रक्रिया

इस बीच सरकार ने नए टेंडर की भी प्रक्रिया शुरू कर रही है. विभाग यह मान रहा है कि कंपनी का करार खत्म होने बाद टीडीएस निधि का उपयोग राज्य हित में नहीं हो पाएगा. 108 सेवा के स्टेट हेड मनीष टिंकू ने बताया कि हालिया एक्सटेंशन से पहले ही हमने यह स्पष्ट कर दिया था कि इस स्थिति में हम काम नहीं कर पाएंगे. जिस सरप्लस की बात की जा रही है उसे मिलाकर भी सितम्बर तक का ही भुगतान बनता है, जबकि एमओयू के तहत विभाग को तीन माह का एडवांस पेमेंट करना होता है.