क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : सिटी के ट्रैफिक सिस्टम को बेहतर और व्यवस्थित करने के नाम पर फिर सड़कों के कट्स को बंद करने की तैयारी चल रही है. इस बार गवर्नर हाउस से लेकर बूटी मोड़ तक नो कट जोन बनाया जाएगा. इस सिलसिले में रोड के 132 छोटे-बड़े कट में से 16 को छोड़कर बाकी सभी को बंद करने का फरमान ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट ने जारी कर दिया है. कट बंद करने के पीछे रोड में लगातार लग रहे जाम का हवाला दिया गया है. मालूम हो कि इसके पहले भी हरमू और रातू रोड में कई कट बंद किए जा चुके हैं.

सड़कों पर हो रहा प्रयोग

सिटी की सड़कें लंबे समय से यातायात सुधारने की प्रयोगशाला बनी हुई हैं. आए दिन पुलिस शहर की सड़कों पर नए-नए प्रयोग कर रही है. बिना तैयारी हो रहे इन प्रयोगों से व्यवस्था सुधरने की बजाय बिगड़ रही है. न तो चौक-चौराहों को जाम से निजात मिल रही है और न ही ट्रैफिक स्मूथ हो पा रहा है. आलम है कि सड़कों पर वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं. घंटों जाम में लोगों का समय बर्बाद हो रहा है.

नहीं निकल रहा परमानेंट सॉल्यूशन

शहर जाम से कराह रहा है. चौक-चौराहे पर आम लोगों को सबसे ज्यादा मुसीबतें झेलनी होती है. इस बाबत ट्रैफिक विभाग लगातार नए प्रयोग करती आ रही है. कभी ऑटो के लिए वन वे सिस्टम लागू किया जाता है तो बड़े वाहनों के आने-जाने का अलग-अलग रूट निर्धारित कर दिया गया है, लेकिन जाम खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. लोगों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस इस समस्या का परमानेंट सॉल्यूशन ढूंढने की बजाय शॉर्ट कट सिस्टम पर ज्यादा ध्यान दे रही है. इस कारण ही ट्रैफिक सिस्टम फेल हो रहा है.

10 मिनट के सफर में लग जाते घंटों

सिटी में जाम की समस्या कितनी विकराल होती जा रही है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई बार 10 मिनट के सफर में घंटों लग जाते हैं. खासकर, कांटाटोली चौक, लालपुर, रातू रोड चौराहा, लाला लाजपत राय चौक और अलबर्ट एक्का चौक के पास अगर जाम लग जाए तो घंटों निकलना मुश्किल है. इस वजह से स्कूल-कॉलेज व ऑफिस आने-जाने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी होती है.

कट बंद होने से बढ़ जाएंगी मुसीबतें

गवर्नर हाउस से बूटी मोड़ तक अगर अधिकांश कट बंद हो गए तो सबसे ज्यादा मुसीबत उन्हें झेलनी होगी, जिन्हें हॉस्पिटल आना-जाना है. गौरतलब है कि इसी रोड के किनारे रिम्स और मेडिका समेत कई बड़े हॉस्पिटल हैं. इसके अलावा डॉ केके सिन्हा समेत कई नामी-गिरामी डॉक्टर्स के क्लिनिक, नर्सिग होम, लैब, ब्लड बैंक भी हैं. ऐसे में जिन्हें यहां जाना हो, उन्हें कट बंद होने के बाद थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं.