- बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र के अलावा आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में चलेगी योजना

- पाइप ने साफ पानी पहुंचाने से जेई-एईएस पर भी लगेगी लगाम

- सात फैसलों पर लगी मुहर, अखाड़े बना सकेंगे कुंभ क्षेत्र में अपना भवन

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LUCKNOW : तामिलनाडु, केरल और पंजाब की तरह यूपी में भी जल्द हर घर में पाइप वाटर से पीने का साफ पानी मुहैया कराया जा सकेगा. केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट ने कंसल्टेंट की तैनाती को मंजूरी प्रदान कर दी. करीब 14,800 करोड़ रुपये लागत की योजना के तहत बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्र के अलावा आर्सेनिक और फ्लोराइड से प्रभावित इलाके और पूर्वाचल का कहर बने जेई-एईएस से प्रभावित इलाकों के 1.55 करोड़ लोगों तक साफ पानी दिया जाना है. आगामी चार साल के भीतर योजना के तहत 90 फीसद परिवारों को रोजाना 70 लीटर पानी मुहैया कराया जाएगा.

6240 गांव भी हुए चिन्हित

राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इस योजना के लिए इन इलाकों के 6240 गांव चिन्हित किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि तामिलनाडु, केरल और पंजाब में 75 फीसद घरों में पाइप वाटर सप्लाई की जा रही है जबकि यूपी में इसका काम बेहद सुस्त गति से हो रहा था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इसे तेज गति से अमल में लाने की तैयारी शुरू हो गयी है. जल्द ही कंसल्टेंट नियुक्त होने के बाद डीपीआर बनाने की कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी. इस योजना की कुल लागत 86 हजार करोड़ रुपये है जिसके पहले चरण में करीब 14,800 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है.

अन्य कैबिनेट फैसले

अखाड़े बना सकेंगे अपना भवन

कैबिनेट ने कुंभ में तीन अखाड़े और एक मठ को अपना भवन बनाने की अनुमति भी प्रदान कर दी है. इसके लिए राज्य सरकार ने 5.19 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है. इन भवनों में कुंभ में आने वाले अखाड़ों के अनुयायी और श्रद्धालु ठहर सकेंगे. ध्यान रहे कि यह निर्माण अखाड़ों के स्वामित्व वाली भूमि पर होगा. इनमें पंचदास नाम आवाहन अखाड़ा परिषद, श्री अग्निपंच अखाड़ा परिषद, पंच निर्मोही अखाड़ा और बाघंबरी जगदंबिका मठ शामिल हैं.

पाठ्यक्रम से हटेगा जमींदारी एक्ट

कैबिनेट ने न्यायालय के अनुरोध पर उप्र न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है. दरअसल न्यायिक सेवा का पाठ्यक्रम काफी पुराना है और अब जमींदारी की कोई व्यवस्था नहीं बची है. इसलिए अब इसको पाठ्यक्रम से हटा दिया जाएगा.

मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज को भूमि

कैबिनेट ने मिर्जापुर में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए कृषि विभाग की दस एकड़ जमीन चिकित्सा शिक्षा विभाग को नि:शुल्क देने का निर्णय लिया है. ध्यान रहे कि इस मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास विगत 15 जुलाई को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था. इसके निर्माण में 232.90 करोड़ की लागत आएगी.

पीजीआई में दो नई यूनिटें जल्द

कैबिनेट ने राजधानी स्थित एसजीपीजीआई में सेंटर फॉर हिपैटोबिलियरी डिजीजेज व लीवर ट्रांसप्लांट यूनिट के भवन निर्माण के लिए 67.19 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित लागत को मंजूरी दे दी है. ये दोनों भवन वर्ष 2011 में बनने शुरू हुए थे. राज्य सरकार ने अब इन्हें एक साल के भीतर पूरा करने का निर्देश भी दिया है.

मैनपुरी सैनिक स्कूल को 10 करोड़

कैबिनेट ने मैनपुरी में बनने वाले सैनिक स्कूल के लिए दस करोड़ रुपये देने की मंजूरी प्रदान कर दी है.