लाल रंग की कार सवार बदमाशों ने दिया था घटना को अंजाम

अभी तक पुलिस कार की कंपनी का भी पता नहीं कर पाई

Meerut. शहर के चौराहों पर करोड़ों रुपये की लागत से लगे करीब 150 सीसीटीवी तब बेकार साबित हुए, जब उनमें डकैतों की कार कैद नहीं हो सकी. यहीं नहीं सीसीटीवी में नजर आने वाली लाल रंग की कार देखने के बाद भी पुलिस यह नहीं पता कर पाई है कि वह कौन सी कंपनी की कार है.

गायब हाे गई कार

शहर में बेगमपुल से लेकर हापुड़ अड्डा, मेडिकल, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क, मोहनपुरी चौराहा, जेल चुंगी आदि स्थानों पर पुलिस समेत कई अन्य संगठनों के 150 सीसीटीवी चौराहों पर लगे हुए हैं. बावजूद इसके बदमाश लाल रंग कार के साथ कहां गायब हो गए, यह पुलिस के लिए अभी अनसुलझी गुत्थी बना हुआ है.

किस काम का कंट्रोल रूम

सात माह पहले वेस्ट यूपी का सबसे बड़ा ट्रैफिक कंट्रोल रूम मेरठ में बना था. जो शहर के 20 मुख्य चौराहों के ट्रैफिक को कंट्रोल करता है. इन चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ने 40 सीसीटीवी लगा रखे हैं. एसपी सिटी के ऑफिस में भी कंट्रोल रूम बना हुआ है. जहां से शहर के अन्य चौराहों पर लगे 70 सीसीटीवी पर नजर रखी जाती है.

यहां तलाशे डकैतों के निशां

मोदीपुरम के टोल प्लाजा पर 30 सीसीटीवी लगे हैं, जिनमें गाड़ी के साथ ड्राइवर की भी तस्वीर ली जाकती है.

हापुड़ अड्डे के व्यापारियों ने मिलकर मेन चौराहों पर 20 सीसीटीवी लगवा रखे हैं.

ईव्ज चौराहे पर भी डाक्टरों ने मिलकर अपने कॉम्प्लेक्स के बाहर लार्ज स्कैल पर 20 सीसीटीवी लगा रखे हैं.

अभी तक सीसीटीवी फुटेज में लाल रंग की कार दिखाई दे रही है. उसका नंबर दिखाई नहीं दे रहा है. चौराहों पर लगी सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है.

अखिलेश कुमार, एसएसपी, मेरठ