PATNA : पटना सहित राज्य के 10 जिलों में बहुत जल्द पानी की बेहतर सुविधा उपल?ध हो जाएगी. विश्व बैंक ने राज्य ने जिलों में चल रही पेयजल परियोजना को पूरा करने के लिए वर्ष 2020 तक का लक्ष्य दिया है. इस वित्तीय वर्ष में विश्व बैंक ने 150 करोड़ रुपए देने की सहमति दे दी है. यह राशि जल्द ही लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को मुहैया कराई जाएगी. विश्व बैंक ने बैठक में पेयजल परियोजना की समीक्षा के बाद उसकी प्रगति पर संतोष जताया है और इस परियोजना को पूरा करने में क्वालिटी का ध्यान रखने को कहा है.

विश्व बैंक दे चुका है 300 करोड़ रुपए

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री विनोद नारायण झा के मुताबिक विश्व बैंक की मदद से कार्यान्वित होने वाली परियोजना को समय पर पूरा करना प्राथमिकता में है. इस परियोजना की लगातार मॉनीट¨रग हो रही है. महत्वपूर्ण बात यह कि विगत वर्ष तक विश्व बैंक द्वारा 300 करोड़ रुपये उपल?ध कराया चुका है. अब तक साढ़े चार सौ करोड़ रुपये की मदद मिल चुकी है. विश्व बैंक की मदद से पटना, नालंदा, नवादा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मुंगेर, बांका, सारण, पूर्वी चंपारण तथा बेगूसराय जिले की 119 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना का कार्यान्वयन प्रगति में है.

133 एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना प्रगति पर

विश्व बैंक के सहयोग से बहुद्देश्यीय जलापूर्ति योजना के तहत इस माह के अंत तक पश्चिम चंपारण की घोघा जलापूर्ति योजना से 7,000 घरों को जलापूर्ति होगी. नालंदा जिले के सिलाव में 11,000 घरों को जलापूर्ति सुनिश्चित की जा रही है. इसी तरह नवादा के रजौली बहुद्देश्यीय जलापूर्ति योजना जून में शुरू कराने को कहा गया है. विश्व बैंक की मदद से 133 एकल ग्रामीण जलापूर्ति योजना प्रगति पर है. जबकि आने वाले समय में 1628 वार्डो में घर-घर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी.

3.75 लाख घरों में पाइप से हो रही जलापूर्ति

विभाग के स्तर से अब तक हर घर नल का जल योजना के तहत 3.75 लाख घरों में पाइप से जलापूर्ति की जा रही है. हाऊस कनेक्शन देने का कार्य प्रगति में है. विभाग के जिम्मे केवल फ्लोराइड, आर्सेनिक और आयरन से प्रभावित ग्राम पंचायतों में जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन का काम मिला है.