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PATNA: पटना सहित पूरे राज्य में इस साल डेंगू का आतंक सबसे ज्यादा रहा. पटना के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इस वर्ष अब 1582 मरीज इलाज कराने पहुंचे हैं जो पिछले कई में सालों के मुकाबले सबसे ज्यादा है. यह स्थिति तब है जब सरकारी अस्पतालों में इलाज की सभी आधुनिक सुविधाएं और संसाधन मौजूद हैं. हालांकि, सरकार का दावा है कि प्रदेश में इस बार डेंगू की वजह से एक भी मौत नहीं हुई. इसके विपरीत विभिन्न जिलों से आई रिपोर्ट इस बात का दावा करती हैं कि प्रदेश में डेंगू से तकरीबन 11 मौत हुई हैं. स्वास्थ्य विभाग ने ने कहा है कि ठंड बढ़ने के साथ ही डेंगू का प्रकोप कम होने लगा है.

पूरे राज्य में 2031 मरीज मिले

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस वर्ष राज्य में कुल 2031 डेंगू पीडि़त सरकारी अस्पतालों में भर्ती हुए. इन मरीजों में सर्वाधिक मरीज पटना में आए. राजधानी में लोगों को डेंगू से बचाने के लिए तमाम कदम उठाए जाने के बावजूद 1582 मरीज मिले. जिनका विभिन्न सरकारी अस्पतालों में इलाज किया गया. पटना के अलावा सिवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली के साथ ही राज्य के दो दर्जन जिलों में डेंगू का प्रकोप देखा गया.

एक भी मरीज की मौत नहीं

प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का दावा है कि सरकार की ओर से अस्पतालों में की गई चिकित्सा व्यवस्था का नतीजा रहा कि प्रदेश में डेंगू की वजह से एक भी मौत नहीं हुई. हालांकि अलग-अलग जिलों को मिलाकर 11 मौतें हुई. इनमें शिक्षक, एसडीओ से लेकर सीडीपीओ तक की मौत शामिल हैं.