कहां जाएगी पता नहीं
उसे महिला थाने की पुलिस अपने साथ ले गई थी. इससे पहले उसकी मेडिकल जांच कराई गई थी जिसकी रिपोर्ट अभी पेंडिंग है. अनुपमा को अभी महिला थाने में ही रखा गया है. उसके मुताबिक वह अपना घर छोड़कर फतुहा रायपुरा में इस संस्थान में चार सालों से रह रही थी. उसका भरा पूरा परिवार है मगर वह उससे कोई रिश्ता नहीं रखते. ऐसे में वह कहां जाएगी, अभी इसका पता नहीं है. वैसे पुलिस उसे रिमांड होम भेज सकती है. इस मामले में पहले पुलिस ललन को तलाश रही है, जिसपर अनुपमा ने यौन शोषण का आरोप लगाया है. इस मामले में पुलिस चार बहनों को डिटेन कर पूछताछ कर रही है.

सिर्फ जिज्ञासु है अनुपमा
वहीं दूसरी ओर अनुपमा के आरोपों को प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से उसके लगाए आरोपों को लगातार गलत बताया जा रहा है. बुधवार को संस्था की ओर से बीके रानी ने बताया कि अनुपमा कभी भी सेवा केन्द्र से बहनों के रूप में नहीं जुड़ी बल्कि जिज्ञासु की तरह थी. जिज्ञासु ऐसे लोग होते हैं जो घर से आते जाते हैं. उन्होंने बताया कि संस्था के कड़े नियमों का पालन पांच सालों तक करने के बाद उनकी मुख्यालय माउण्ट आबू से स्वीकृति मिलने के बाद समर्पण कराया जाता है. इसमें वह बार बार असफल रही थी. बी के रानी ने प्रेस कांफ्रेस में कहा कि ऐसे में उसे ब्रह्माकुमारी (साध्वी) मानकर संस्था की छवि खराब करना उचित नहीं.