AGRA: केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड ने (सीबीएसई) 10वीं के प्रश्नपत्रों में भारी बदलाव करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही प्रश्नपत्र के पैटर्न में भी बदलाव लाया जाएगा। ऑब्जेक्टिव को अधिक रचनात्मक बनाया जाएगा। थ्योरी भाग में शॉर्ट क्वेश्चन प्रश्नों की जगह लांग क्वेश्चन प्रश्नों पर ज्यादा जोर दिया जाएगा। इससे सवालों की संख्या में भारी कमी हो जाएगी। सीबीएसई के अधिकारियों के मुताबिक रटकर पढ़ने की प्रवृत्ति की बजाय छात्रों में रचनात्मक लेखन की प्रवृत्ति को बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। बोर्ड एक-एक अंक वाले वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के मौजूदा स्वरूप में विविधता लाने के अन्य तरीके पर भी विचार कर रहा है।

एग्जांपल क्वेश्चन पेपर होंगे जारी
सीबीएसई पैटर्न में यह बदलाव परीक्षा से पहले नियमित समीक्षा बदलाव का भाग होगा। बदलाव हो जाने पर एग्जांपल प्रश्नपत्र जारी किए जाएंगे। इससेस्टूडेंट्स को क्वेश्चन पेपर के विषय में जानकारी के साथ प्रश्नपत्रों के पैटर्न से रूबरू हो सकें। स्टूडेंट्स भी एग्जाम से पहले प्रक्टिस कर सकेंगे।

कम प्रश्न पर बेहतर जबाव
बोर्ड के विशेषज्ञ प्रश्नों को कम करने और प्रत्येक प्रश्न का अंक बढ़ाने पर, स्टूडेंट्स में रचनात्मक आंसर, लेखन को बढ़ावा देने पर भी विचार कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि पूरे प्रश्नपत्र में फेरबदल नहीं होगा, बल्कि मामूली बदलाव किए जाएंगे।

कई तरह से पूछा जाएगा एक अंक का सवाल
स्टूडेंट्स को इस बारे में चिंतित होने की जरूरत नहीं है। प्रश्नपत्रों को जो भी एग्जांपल बनाया जाएगा, उसे जुलाई में सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसे विद्यार्थी आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। एक अंक के सवाल को कई तरह से पूछा जाएगा।

इस तरह रहेगा बदला पैटर्न
सीबीएसई के अधिकारी के मुताबिक वर्तमान में 20 अंकों के ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाते हैं। इनमें कई तरह से बदलाव किए जाएंगे। इसे रचनात्मक बनाने की कोशिश की जाएगी। कुछ ऑब्जेक्टिव सवालों को बहुविकल्पीय उत्तरों में चयन करने के लिए कहा जाएगा। कुछ में खाली स्थानों को भरने के लिए कहा जाएगा जबकि कुछ के उत्तर को एक शब्द या वाक्य में लिखने के लिए कहा जाएगा। पहले सिर्फ बहुविकल्पीय उत्तरों वाले एक अंक के सवाल पूछे जाते थे।

अधिकतम सौ शब्दों में होगा आंसर
सीबीएसई ने बताया कि प्रश्न पत्र के थ्योरी वाले भाग में व्यापक वदलाव करने का विचार किया जा रहा है। अब तक सीबीएसई बोर्ड में लघु उत्तरीय प्रश्न पूछे जाते हैं, जिसका उत्तर अधिकतम 50 से 100 शब्दों में देना होता है। यह 60 अंकों का होता है। लघु उत्तरीय प्रश्नों को दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में बदला जाएगा, ताकि एक प्रश्न का उत्तर विद्यार्थी सौ शब्दों से ज्यादा में दे सके। इससे विद्यार्थियों के रचनात्मक प्रतिभा को पहचानने में मदद मिलेगी। जो विद्यार्थी अपने उत्तर में जितनी रचनात्मकता का परिचय देगा, उसे उतने अधिक अंक दिए जाएंगे।

90 के दशक पर फिर सीबीएसई
सीबीएसई एक बार फि र 90 के दशक से पहले पैटर्न को अपनाने जा रहा है। इसके साथ ही प्रश्नपत्रों को आसान बनाने पर विशेष जोर दिया गया। जिससे स्टूडेंट्स को क्वेश्चन पेपर हल करने में आसानी रहेगी। वर्तमान पैटर्न में स्टूडेंट्स को प्रश्नपत्र का सैट उपलब्ध करा दिया जाता है।

सीबीएसई के बदले पैटर्न का स्वागत किया जाएगा। नए सत्र में दसवीं के एग्जाम पैटर्न को रचनात्मक बनाने में बोर्ड द्वारा जोर दिया जा रहा है। स्टूडेंट्स के आईक्यू का रचनात्मक प्रश्न से आकलन किया जाएगा।

सुशील चंद गुप्ता, अध्यक्ष अप्सा

दसवीें के पैटर्न में बदलाव के लिए बोर्ड से सर्कुलर जारी किया गया है, जिसमें क्वेश्चंस को रचनात्मक बनाया गया है, बेहतर आंसर देने वाले स्टूडेंट्स को अच्छे नंबर दिए जाएंगे।

सुमन यादव, प्रिंसिपल आरएस पब्लिक स्कूल, सिकंदरा