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RANCHI: इस बार लोकसभा चुनाव के नतीजे कई मायनों में अहम रहे। बात बीजेपी की हो, जेएमएम की या फिर जेवीएम की। तीनों पार्टी के बड़े नेता को हार का मुंह देखना पड़ा। पश्चिमी सिंहभूम से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ कांग्रेस के उम्मीदवार गीता कोड़ा से चुनाव हार गये। वहीं जेवीएम के केंद्रीय अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को चार लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से राजद से बीजेपी में आयीं अन्नपूर्णा देवी ने हराया। सबसे बड़ा झटका जेएमएम के सुप्रीमो शिबू सोरेन को लगा है। दो बार से हारते आ रहे सुनील सोरेन ने शिबू सोरेन को हराया। हालांकि वोटों का अंतर बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन शिबू सोरेन हार गये। संथाल के दुमका सीट से शिबू सोरेन का चुनाव हार जाना राजनीतिक रूप से उनकी राजनीति सक्रियता पर सवाल उठाता है।

असली फाइट मुंडा-भगत में
झारखंड में असली फाइट की बात करें तो वो खूंटी सीट पर होते हुई दिखाई दी। जीत की घोषणा के बाद अचानक सॉफ्टवेयर में प्रॉब्लम और री काउटिंग की बाते सामने आयी। अर्जुन मुंडा झारखंड से सबसे कम वोटों से जीतने वाले पूर्व मुख्यमंत्री रहे। गिनती शुरू होने के बाद कभी कांग्रेस के उम्मीदवार कालीचरण बढ़त लेते दिखे, तो कभी बीजेपी के अर्जुन मुंडा। आखिरकार बढ़त बनाने में अर्जुन मुंडा को कामयाबी मिली। ऐसा ही कुछ नजारा लोहरदगा सीट पर भी देखने को मिला। दिन भर कांग्रेस के उम्मीदवार सुखदेव भगत और बीजेपी के उम्मीदवार के बीच नेक-टू-नेक फाइट होने के बाद आखिरकार बीजेपी के सुरदर्शन भगत को बढ़त मिली।