क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ : स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने सभी जिला अस्पतालों तथा फ‌र्स्ट रेफरल यूनिटों में सिजेरियन डिलेवरी (सी सेक्शन) की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया है. उन्होंने खासकर रात में इसकी संख्या बढ़ाने तथा जरूरत पड़ने पर 24 घंटे सिजेरियन डिलेवरी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. स्वास्थ्य सचिव सोमवार को आरसीएच, नामकुम में मातृत्व स्वास्थ्य की समीक्षा कर रही थीं.

लापरवाही बरती तो नपेंगे

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों को फ‌र्स्ट रेफरल यूनिटों में इसलिए परिवर्तित किया गया है ताकि वहां ऑपरेशन से प्रसव हो सके. लेकिन अभी भी इन यूनिटों में इसकी संख्या काफी कम है. रात में सिजेरियन की सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं को रिम्स या अन्य जगहों पर रेफर कर दिया जाता है. इससे कई बार महिलाओं की रास्ते में ही मौत हो जाती है.

एंटी नेटल चेकअप 95 परसेंट से अधिक हो

स्वास्थ्य सचिव ने गर्भवती के एंटी नेटल चेकअप की दर बढ़ाकर हर हाल में 95 फीसद से अधिक करने का भी निर्देश दिया. स्वास्थ्य सचिव ने जननी सुरक्षा कार्यक्रम में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) को 51 फीसद से बढ़ाकर 75 फीसद से अधिक करने का निर्देश भी दिया. साथ ही पहले चेकअप के साथ ही महिलाओं का बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया ताकि प्रोत्साहन राशि का भुगतान समय पर हो सके.

बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी

निधि ख्रे ने वैसे सभी नए व पुराने अस्पतालों को चिह्नित करने का निर्देश दिया जहां बेड की व्यवस्था प्रसव संख्या के अनुरूप नहीं है. उनमें पर्याप्त बेड देकर डिलेवरी के लिए पूरी तरह तैयार करने का निर्देश दिया. लेबर रूप सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत रिटायर डॉक्टरों से सहयोग लेकर दक्षता प्रोग्राम चलाने को कहा. बैठक में मातृ मृत्यु का शत-प्रतिशत प्रतिवेदन व समीक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया.

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