राज्य सूचना आयुक्त ने लिया एक्शन, नगरायुक्त पर लगा 25 हजार रुपये का जुर्माना

Meerut. नगर निगम में तैनात सफाई कर्मियों की ड्यूटी संबंधित जानकारी की सही सूचना न देना नगर आयुक्त को महंगा पड़ गया. राज्य सूचना आयुक्त ने सूचना छुपाने और सही सूचना ना देने पर नगर आयुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही मामले की पूरी पत्रावली भी तलब की है.

घर बैठे ही हाजिरी

नगर निगम में हाजिरी लगाकर गायब हो जाना सफाई कर्मियों के लिए आम बात है. अधिकारियों से मिलीभगत के चलते घर बैठे ही सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लग जाती है. जबकि मौके पर कोई सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं होता है. ऐसे में इन सफाई कर्मचारियों के नाम पर हर माह लाखों रुपये निगम द्वारा खर्च किए जा रहे हैं. इस मामले में पूर्व पार्षद यासीन पहलवान ने सूचना के अधिकार के तहत नगर निगम से कई सूचनाएं मांगी गई थी. हालांकि सही सूचनाएं देने के बजाए लगातार गलत सूचना देकर इस मामले में हुआ घोटाला छुपाने का प्रयास किया गया.

वसूला जाएगा जुर्माना

इस मामले में यासीन पहलवान की शिकायत पर सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 20-1 के तहत 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड लगाया गया. अर्थदंड की वसूली 6 नवंबर, 2017 से 14 मई, 2018 तक निगम में कार्यरत रहे जन सूचना अधिकारियों के रूप में तैनात रहे नगर आयुक्तों के वेतन से किए जाने के निर्देश हैं. इसमें अधिकतम अर्थदंड की धनराशि 25 हजार रुपये तक वसूलने का आदेश शामिल है.

इन सवालों का मांगा था जवाब

24 अगस्त 2015 में पत्र के आधार पर मेरठ के वार्ड 71 व मेरठ शहर की सफाई व्यवस्था सुधारने के साथ अनुपस्थित कर्मचारियों के बारे में की गई शिकायत पर किस-किस अधिकारी ने जांच की?

14 अक्टूबर, 2015 की शिकायतों के संबंध में पूर्व उप नगर आयुक्त मृत्युंजय कुमार ने जांच की थी. इसमें तिथि वार वाडरें की सूची की उपलब्धता

वार्ड 71 में खराब व्यवस्था सुधारने व अनुपस्थिति सफाई कर्मचारियों के संबंध में 8 अगस्त 2013 व 21 मई 2015 को की गई शिकायत की जांच किस-किस अधिकारी ने की?

नगर विकास मंत्री को 29 सितंबर 2015 को दिए गए पत्र पर किस अधिकारी से जांच कराई गई तथा जांच अधिकारी द्वारा दी गई आख्या उपलब्ध कराएं?

पूर्व मुख्यमंत्री को 6 अक्टूबर 2015, 9 अक्टूबर 2015 तथा 28 दिसंबर 2015 को अनुपस्थित सफाई कर्मियों के संदर्भ में दिए गए पत्र पर किस अधिकारी ने जांच की तथा जांच अधिकारी द्वारा दी गई आख्या उपलब्ध कराएं?

सुपरवाइजर गुलफाम द्वारा सफाई कर्मचारियों से अवैध वसूली की शिकायत रिकार्डिंग की जांच आख्या उपलब्ध कराएं?

इसी वर्ष 19 फरवरी को यासीन पहलवान की शिकायत पर सुनवाई 14 मई नियत की गई. लेकिन तब भी कोई उपस्थित नहीं हुई और न ही इस विषय में कोई जवाब दिया गया, जानकारी दें?

मेरे कार्यकाल से पूर्व का मामला है लेकिन जो आदेश है, उसका पालन किया जाएगा.

मनोज चौहान, नगरायुक्त