- पार्क के चप्पे-चप्पे पर होगी नजर

- योजना तैयार, जल्द होगा काम शुरु

मेरठ. गांधी बाग के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए कैंट बोर्ड यहां सीसीटीवी कैमरे लगवा रहा है. विभाग की ओर से बाग में 36 कैमरे लगवाने की योजना तैयार की गई है. जल्द काम भी शुरु हो जाएगा. इनका कंट्रोल बोर्ड ऑफिस में बनाया जाएगा.

हर प्वाइंट पर होगा कैमरा

22 एकड़ में फैले गांधी बाग के हर प्वाइंट पर कैमरे लगाएं जाएंगे. पार्क का एरिया ज्यादा होने की वजह से कई जगहों की गतिविधियों पर नजर नहीं जा पाती है. कई बार कर्मचारी भी ठीक से काम नहीं करते ऐसे में पार्क की व्यवस्था भी चरमरा जाती है. ऐसे में कैमरों की सहायता से यहां पर नजर रखी जा सकेगी.

मॉडल बना गांधी बाग

सभी छावनियों में स्मार्ट कैंट का दर्जा हासिल कर चुके मेरठ के गांधी बाग को मॉडल बाग का दर्जा हासिल हो चुका है. सेंट्रल कमांड इन जीओसी ने सभी छावनियों को गांधी बाग की तर्ज पर अपने यहां ऐसे की पार्क डेवलप करने के निर्देश दिए हैं.

सिक्योरिटी होगी टाइट

गांधी बाग को फैमिली पार्क बनाने की कवायद में जुटे कैंट बोर्ड के अधिकारियों का कहना कि लाख कोशिश के बाद भी पार्क में अभी भी आपत्तिजनक गतिविधियां देखने-सुनने में आती हैं. अधिकारियों का मानना है कि कैमरे लगने के बाद यहां पूरी चौकसी रहेगी.

नहीं कर पाएंगे कामचोरी

गांधी बाग में कैमरे लगाने का मकसद यहां के कर्मचारियों की कामचोरी को भी रोकना है. कैमरे लगने के बाद पार्क में सही ढंग से काम होगा. यही नहीं यहां की व्यवस्थाएं व नियम भी लागू करवाएं जा सकेंगे. कैंट क्षेत्र में गांधी बाग के बाहर लगे वाटर एटीएम पर भी कैमरों की सहायता से नजर रखी जा सकेगी.

ऑफिशियल स्टैंड

गांधी बाग की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके , इसके लिए हम यहां कैमरे लगवा रहे हैं. जल्द ही इस पर काम शुरु हो जाएगा.

-राजीव श्रीवास्तव

सीईओ, कैंट बोर्ड

गांधी बाग में कैमरे लगने से यहां का माहौल बदलेगा. इसके साथ ही यहां फैमिली कल्चर भी डेवलप होगा.

-अविनाश

कैमरे लगवाना कैंट का सराहनीय कदम है. गांधी बाग में कई बार गलत गतिविधियां देखने-सुनने में आती है. कैमरों से इन पर रोक लगेगी.

-राहुल

अच्छा है गांधी बाग में कैमरे लग रहे हैं. मेनटेन रहना चाहिए तब तो सही है. पार्क में जो खामियां हैं, वह दूर होनी चाहिए.

-शाहिद