क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :राजधानी के 400 स्कूलों को बंद करने पर जिला प्रशासन विचार कर रहा है. ये ऐसे स्कूल हैं जिन्हें मर्ज किया गया है. बंद होने वाले इन स्कूलों में बच्चों की संख्या 30 से कम है. जिले के ऐसे सभी स्कूलों को चिन्हित किया गया है. रेशनलाइजेशन के बाद जिले के 384 स्कूलों में मात्र एक-एक शिक्षक दिए जाएंगे ताकि बंद होने तक बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो. इन स्कूलों में बच्चों की संख्या 12 से लेकर 30 के बीच है. वहीं राजधानी के 38 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं पोस्ट किए गए हैं. इन स्कूलों में बच्चों की संख्या 11 से भी कम है.

शहर से गांव भेजे 1688 टीचर्स

राज्य के सभी जिलों में शिक्षक और छात्र संख्या को ध्यान में रखते हुए रेशनलाइजेशन का काम किया जा रहा है. इसके तहत प्रति 30 बच्चों पर एक शिक्षक को पदस्थापित किया जा रहा है. इसी क्रम में रांची शहरी क्षेत्र में सेवा दे रहे 1688 शिक्षकों को गांव की ओर रूख करना पड़ा है. रांची, रातू, कांके और ओरमांझी के शिक्षकों की बुंडू और तमाड़ के स्कूलों में तैनाती की गई है.

वर्जन

रांची में 400 स्कूलों को मर्ज करने की योजना पर विचार किया गया है. ऐसे स्कूलों को मर्ज करने की योजना तैयार की गई है, जहां 30 से कम बच्चे हैं. साथ ही 30 से कम बच्चों वाले इन स्कूलों को मर्ज कर नजदीक के स्कूलों में टैग किया गया है.

शिवेंद्र कुमार, डीएसई, रांची