गोलियां चलते ही बस्ती में मच गई भगदड़

शराब तस्कर पहले भी तीन बार पुलिस पर कर चुका है हमला

Meerut. पुलिस को एक शराब माफिया के घर पर दबिश डालना महंगा पड़ गया. माफिया व उसके साथियों ने पुलिस पर पांच राउंड फायर किए. जिसमें एसपी सिटी भी गोली का शिकार होने से बाल-बाल बच गए, लेकिन पुलिस ने माफिया पर एक भी फायर नहीं किया. इस बीच पुलिस हाथ बांधे हुए नजर आई. पुलिस ने शराब माफिया के घर से 500 पेटी अवैध शराब बरामद की. वहीं, एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि शराब माफिया ने पांच राउंड फायर किया था. उनकी तरफ से एक भी फायर नहीं हुआ.

मिली थी सूचना

एसपी सिटी रणविजय सिंह को सूचना मिली कि दिल्ली रोड स्थित होटल मुकुट महल के पीछे मंगतपुरम में तस्करी के लिए एक ट्रक शराब उतारी गई है. एसपी सिटी ने सीओ ब्रह्मपुरी हरिमोहन सिंह और ब्रह्मपुरी, टीपीनगर, परतापुर, रेलवे रोड, देहली गेट और लिसाड़ी गेट पुलिस को साथ लेकर मंगतपुरम में छापामारी कर दी. झुग्गी-झोंपड़ी में शराब की बिक्री करने वालों ने छापामारी का विरोध किया, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ दिया. फोर्स ने जैसे ही शराब माफिया रमेश प्रधान के मकान की घेराबंदी की, उसने व उसके साथियों ने पुलिस पर फाय¨रग शुरू कर दी. पुलिस ने बचकर किसी तरह से अपनी जान बचाई. इसके बाद शराब तस्कर वहां से फरार हो गया.

अवैध शराब बरामद

एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि माफिया की फाय¨रग में गोली उनके नजदीक से होकर निकली. एक घंटे का सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें माफिया रमेश प्रधान के मकान से अलग-अलग ब्रांड की 500 पेटी अवैध शराब बरामद हुई है. एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि रमेश प्रधान, उसके साथी अनिल कुमार व अज्ञात के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.

माफिया को संरक्षण

शराब माफिया रमेश प्रधान पूरे जिले में कुख्यात है. उसने व उसके साथियों ने कई बार पुलिस पर फाय¨रग-पथराव किया. बावजूद इसके पुलिस उसके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करती. करीब 20 दिन पहले भी माफिया व उसके साथियों ने आबकारी व पुलिस पर पथराव व फाय¨रग की थी. मुकदमें में वांछित होने के बावजूद माफिया का गोरखधंधा बदस्तूर जारी है. लोगों का कहना है कि माफिया को पुलिस व आबकारी का संरक्षण प्राप्त है.

एक ट्रक शराब रोजाना

शहर में रमेश प्रधान द्वारा अवैध शराब सप्लाई की जाती है. एक ट्रक शराब रोजाना शहर में खपाई जाती है. आबकारी विभाग जानते हुए भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं करता है.

तस्कर को भागने का मौका

शराब तस्कर पुलिस पर फायर कर रहा है. पुलिस हाथ बांधे खड़ी है. इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस ने तस्कर को भागने का सीधा मौका दिया. पुलिस पर फायर करने के बाद तस्कर वहां से भाग खड़ा गया.

पुलिस पर हमला

शराब तस्कर रमेश प्रधान पुलिस पर तीन बार पहले भी हमला कर चुका है. इसलिए पुलिस को छापा डालने के लिए पहले से कड़े इंतजाम करने चाहिए थे. हालांकि पुलिस ने ऐसा कोई इंतजाम नहीं किया, जिससे एसपी सिटी भी शराब तस्कर की गोली का शिकार होने से बाल-बाल बच गए.