मरीज ढूंढने वाले को मिलेगा 500 रुपये इनाम

- टीबी के मरीज का जीरो प्रतिशत खर्चे में होगा इलाज

Meerut. ट्यूबर क्लोसिस यानी टीबी के एक्टिव मरीज को ढूंढकर उसकी फ‌र्स्ट इंर्फोमेशन जिला टीबी विभाग को दीजिए और 500 रूपये एकाउंट में पाइए. टीबी के छुपे हुए एक्टिव केसेज को सामने लाने के लिए शासन की इस योजना की शुरूआत जिले में की जा रही है. 2025 तक टीबी मुक्त भारत अभियान के चलते टीबी के मरीजों की खोजबीन के लिए इस योजना को लागू किया गया है.जिला टीबी अधिकारी डॉ. एमएस फौजदार ने बताया कि टीबी संक्रामक बीमारी है, जो हवा के जरिए फैलती है. टीबी का एक मरीज इलाज से पहले 5-6 लोगों को प्रभावित करता है. ऐसे में बहुत जरूरी है कि एक्टिव मामलों की पहचान कर इलाज शुरु कर दिया जाए. योजना को जिले में लागू कर दिया गया हैं.

टीबी सपोर्टर को मिलेगी धनराशि

नई योजना में टीबी सपोर्टर को मिलने वाली रकम में 500 रूपये की कमी की गई है. पहले सपोर्टर को टीबी की कैटेगरी के हिसाब से मरीज का ट्रीटमेंट पूरा कराने के लिए अलग-अलग रकम दी जाती थी. इसके तहत केटेगरी-1 के मरीज का इलाज पूरा करवाने पर सपोर्टर को एक हजार रूपये मिलते थे पर अब 500 रूपये ही मिलेंगे. केटेगरी-2 के मरीज का 8 महीने का पूरा ट्रीटमेंट करवाने पर 15 सौ रूपये मिलते थे लेकिन अब इसमें से पांच सौ रूपये इंर्फोमर के होंगे. ऐसे ही केटेगरी-3 के मरीज जिसमें एमडीआर और एक्सडीआर मरीज शामिल हैं. उनका पहले 6 महीने इलाज करवाने पर 1000 रूपये और बाकी 18 महीने इलाज करवाने पर पहले ही तरह 3500 रूपये दिए जाएंगे.

जांच के बाद मिलेगा बेनिफिट

मरीज की सूचना देने के बाद टीबी जांच लैब में एक प्रोफॉर्मा भरा जाएगा. इसमें तीन भाग होंगे. एक भाग में इंर्फोमर का नाम व अन्य डिटेल्स होंगी. अगर मरीज टीबी पॉजिटिव मिलता हैं तो इंर्फोमर को उसके अकाउंट में बेनिफिट राशि भेजी जाएगी.

कौन होते हैं सपोर्टर

टीबी सपोर्टर वे लोग होते हैं जो टीबी के मरीज की मॉनिटरिंग कर दवाइयां खिलाते हैं व अन्य जानकारी रखते हैं. इनमें मुख्य तौर पर आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी होती हैं.

य किए लक्ष्य

केंद्र सरकार ने टीबी को खत्म करने के लिए कई नई योजनाओं को लागू किया है. इसके तहत शासन का लक्ष्य मरीज को जीरो प्रतिशत खर्चे में टीबी का उपचार करना है. वहीं मृत्युदर को 90 प्रतिशत तक कम करना और टीबी की दर को 80 प्रतिशत तक कम करना है.

ये योजनाएं भी हैं लागू

निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी के हर मरीज को हर महीने 500 रूपये दिए जाते हैं.

टीबी के सैंपल कलेक्ट करने के लिए सिर्फ मेरठ जिले में ही ह्मयूमन कोरियर सर्विस चालू की है. इस योजना के तहत प्रति सैंपल लेकर आने के लिए 100 रूपये दिए जाते हैं.

टीबी के मरीज को दवाइयों का पूरा कोर्स करवाने के लिए ट्रीटमेंट सपोर्टर को भी धनराशि दी जाती है.