- पुलिस का दावा 641 को भेजा जा चुका है जेल

- 11 फरवरी को होनी है जिले में प्रथम चरण की वोटिंग

आगरा. विधानसभा चुनाव में नॉमिनेशन के लिए दो दिन का समय शेष है. कुछ एक को छोड़कर अधिकतर राजनीतिक दलों ने अपने योद्धा मैदान में उतार दिए हैं. चुनाव को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं शन्तिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने प्रदेश के डीजीपी को आपराधिक पृष्ठभूमि के लोगों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं. डीजीपी जावीद अहमद के निर्देश पर आगरा समेत प्रदेश में वांछितों, गुण्डों, हिस्ट्रीशीटरों को दबोचने का अभियान चल रहा है, लेकिन अभी तक जोन में 6869 हिस्ट्रीशीटर बेलगाम घूम रहे हैं. ये हिस्ट्रीशीटर चुनाव में गड़बड़ी फैला सकते हैं.

नहीं हो सकी आर्थिक स्थिति की जांच

आगरा जोन में हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा कसने के लिए उनकी आर्थिक स्थिति की जांच की जानी थी. इसके लिए डीआईजी के निर्देशन में टीमें बनाकर उनकी आर्थिक स्थिति का भौतिक सत्यापन किया जाना था, जो अभी तक नहीं हो सका है. पुलिस अधिकारियों का दावा है कि अभी तक 641 हिस्ट्रीशीटरों को जेल भेजा जा चुका है.

115 हिस्ट्रीशीटरों का कोई अता-पता नहीं

जिले में 115 हिस्ट्रीशीटरों का कोई अता-पता नहीं है. पुलिस को इनकी गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं है. पुलिस सूत्रों के अनुसार 848 हिस्ट्रीशीटर उम्रदराज हो गए हैं, पिछले कई वर्षो में उनकी आपराधिक गतिविधियों में संल्पितता नहीं मिली है. इसके चलते पुलिस ने इनकी निगरानी बंद कर दी है. 212 हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है.