निगम की तस्वीर

-1657 निगम के कुल पार्क

-500 कर्मचारी कार्यरत

-3 से 4 हर पार्क में औसतन कर्मचारी

- 45 फीसद पार्को की स्थिति अच्छी नहीं

एलडीए की तस्वीर

-290 कुल पार्क

-150 के करीब कर्मचारी तैनात

-औसतन हर पार्क में एक कर्मचारी तैनात

- 30 फीसद पार्क दयनीय हालत में

निगम का बजट एक नजर में

-1240.37 लाख खर्च हुआ दिसंबर 17 तक

2-2500 लाख का व्यय प्रस्ताव 2018-19 के लिए

3-700 लाख पार्को के मेंटीनेंस व निर्माण में होंगे खर्च

4-40 लाख रुपये व्यय होंगे पार्को की प्रकाश व्यवस्था में

एलडीए का बजट एक नजर में

- 1.80 करोड़ रुपये खर्च होंगे 100 पार्को के सौंदर्यीकरण में

2- 1.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे संत गाडगे पार्क के विकास में

3- 22 लाख रुपये से होगा लक्ष्मण पार्क का सौंदर्यीकरण

- एलडीए के 30 प्रतिशत पार्क दयनीय हालत में

- निगम के पार्को की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं

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LUCKNOW

पार्को को संवारने के लिए निगम की ओर से हर साल भारी भरकम बजट स्वीकृत किया जाता है, इसके बावजूद करीब 40 से 45 फीसदी पार्को को अभी संजीवनी की जरूरत है. मतलब यह है कि इन पार्को की स्थिति बेहद खराब है. जिससे जनता इनका उपयोग नहीं कर पा रही है. वहीं अगर एलडीए के पार्को की बात की जाए तो यहां भी स्थिति बेहतर नहीं है. करीब पच्चीस से तीस फीसदी पार्को की हालत दयनीय है. हैरानी की बात तो यह है कि निगम के जिम्मेदारों की ओर से इन पार्को पर कोई ध्यान भी नहीं दिया जा रहा है.

दम तोड़ रहे पार्क

निगम के पार्क हों या एलडीए के. गुजरते वक्त के साथ मेंटीनेंस के अभाव में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं. पॉश इलाकों से लेकर बस्तियों तक में पार्को की स्थिति खराब है. जिससे इन इलाके के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों ने इसके बारे में कई बार महकमों में जाकर शिकायत दर्ज कराई लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.

सड़क पर वॉक

पार्को की स्थिति बदहाल होने से लोगों को सड़क पर टहलने के लिए मजबूर होना पड़ता है. बच्चे भी सड़क पर ही खेलते हैं. परिणामस्वरूप हादसे होने का डर बना रहता है. इसके बावजूद इस समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है.

कहीं उगी कटीली झाडि़यां तो कहीं बना तबेला

निगम और एलडीए के पार्को की स्थिति पर गौर फरमाए तो अधिकांश पार्को में कटीली झाडि़यां उगी हैं. इसके साथ ही कई पार्को में अवैध कब्जा हो गया है. जिससे जनता इनका यूज नहीं कर सकती. हैरानी की बात तो यह है कि जब इलाके के लोग पार्क में कब्जा करने वालों के खिलाफ आवाज बुलंद करते हैं तो कब्जेदार की ओर से अभद्र व्यवहार किया जाता है. एक दो पार्को की स्थिति तो यह है कि उनमें तबेला बन चुका है. जिससे इलाके में गंदगी फैल रही है.

ट्रांसफर कॉलोनी में स्थिति खराब

एलडीए की ओर से हाल में ही निगम को एक दर्जन से अधिक कॉलोनी ट्रांसफर की गई हैं. जिनके अधिकतर पार्क बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं. पार्को की बदहाल स्थिति को देखते हुए निगम की ओर से एलडीए से धनराशि की मांग की गई है. इस धनराशि के आने के बाद ही ट्रांसफर कॉलोनी के पार्को की स्थिति संवर सकेगी.

पार्को में पेयजल-सीटिंग की व्यवस्था नहीं

करीब 20 फीसदी पार्को में न तो पेयजल के ठीक इंतजाम हैं न ही बैठने के लिए सीटों की व्यवस्था. कई पार्क ऐसे भी हैं, जहां लाइट का इंतजाम भी चरमराया हुआ है. जिससे अंधेरा होने के बाद यहां कोई नहीं आता. इस तरफ भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

जिन पार्को में अवैध कब्जे हैं या उनकी स्थिति खराब है, उन्हें तत्काल सुधारा जाएगा. उद्यान अधिकारी से बदहाल पार्को की लिस्ट मांगी जाएगी. जिससे उनका सौंदर्यीकरण कराया जा सके.

संयुक्ता भाटिया, मेयर