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KANPUR : जूही में एक शातिर ने आईबी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर लोगों से 72 लाख की ठगी कर ली. पीडि़तों ने थाने में तहरीर दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई. इस पर पीडि़तों ने कोर्ट में गुहार लगाई. कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी.

विभाग में कोटे की कुछ जगह खाली है..
नौबस्ता आवास विकास हंसपुरम निवासी सभाजीत कुमार नौकरी की तलाश कर रहा है. पिछले साल उसकी राजेंद्र नगर जालौन निवासी आकाश से मुलाकात हुई थी. आकाश ने उसको बताया कि वह आईबी में अफसर है. उसकी विभाग में काफी पकड़ है. उसने कहा कि विभाग में कोटे की कुछ जगह खाली है. अगर कोई प्रधानमंत्री राहत कोष में 12 लाख रुपये जमा कर सकता है तो वह उसकी आईबी में नौकरी लगवा देगा. सभाजीत आकाश के झांसे में आ गया. उसने फतेहपुर निवासी रिश्तेदार वीरेंद्र की आकाश से मुलाकात करवा दी. वीरेंद्र ने नौकरी लगवाने के लिए आकाश को दस लाख रुपये दे दिए. साथ ही कहा कि नौकरी लगने के बाद वह दो लाख रुपये और दे देगा. आकाश पैसे लेने के बाद वीरेंद्र को मुंबई ले गया. वहां उसने वीरेंद्र को फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया. वीरेंद्र ने यहां आकर साथियों को बताया तो उन लोगों ने भी आकाश को नौकरी लगवाने के लिए पैसे दे दिए. इस तरह आकाश ने उन लोगों से 72 लाख रुपये ले लिया. आकाश ने वीरेंद्र के साथियों को भी फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दे दिया. जब वे आईबी ऑफिस पहुंचे, तब उन्हें ठगी का पता चला. पीडि़तों ने थाने में सुनवाई न होने पर कोर्ट में गुहार लगाई थी.