क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: बैंक से लोन लेकर आठ करोड़ रुपए फ्रॉड मामले में सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी मनीष कुमार सिंह की अदालत ने सजा सुनाई है. अदालत ने रांची के उर्मिला कंस्ट्रक्शन की प्रोपराइटर नीलम चौबे को 15 महीने की सजा सुनाई है. साथ ही 8 करोड़ 80 लाख रुपए मुआवजा भुगतान का आदेश दिया. हालांकि उर्मिला चौबे को 10-10 हजार के दो निजी मुचलकों पर जमानत भी मिल गई.

क्या है मामला

नीलम चौबे सुभाश्री अपार्टमेंट बरियातू रोड निवासी संजय कुमार चौबे की वाइफ हैं. उनका को-ऑपरेटिव कॉलोनी बोकारो स्टील सिटी में भी घर है. उन्होंने व्यवसाय के नाम पर पंजाब नेशनल बैंक किशोरगंज शाखा से लोन लिया था, जिसके एवज में चेक दिया जो बाउंस कर गया. इस मामले को लेकर बैंक के ब्रांच मैनेजर अमिताभ तिग्गा ने 18 मई 2017 को शिकायत के तहत मुकदमा दर्ज कराया. बैंक मैनेजर ने आरोप लगाया था कि कैश क्रेडिट के तहत बैंक ने उर्मिला कंस्ट्रक्शन को 10 करोड़ 70 रुपए दिए. इसके लिए प्रतिमाह के हिसाब से इंस्टॉलमेंट बांधा गया. लेकिन कुछ महीने बाद ही अकाउंट बंद हो गया. इसके बाद 29 मार्च 2017 को कंस्ट्रक्शन कंपनी की प्रोपराइटर उर्मिला ने आठ करोड़ का चेक दिया. उसे 12 अप्रैल 2017 को बैंक में प्रस्तुत किया गया, जो बाउंस कर गया था. इसके बाद बैंक की ओर से 17 अप्रैल 2018 को लीगल नोटिस भेजा गया. इसके बाद भी लोन की राशि नहीं चुकाई गई तो बैंक के तत्कालीन मैनेजर ने मुकदमा दर्ज करा दिया.