अमरीका में 9/11 हमलों की दसवीं बरसी पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम शुरु हो गए हैं. अलक़ायदा की धमकी के मद्देनज़र अमरीका के शहरों मे सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए है और हाई अलर्ट घोषित किया गया है.

न्यूयॉर्क और वाशिंगटन शहरों में घटना की याद में कई कार्यक्रम होने हैं. मुख्य कार्यक्रम न्यूयार्क के उस ग्राउड ज़ीरो पर होगा जहाँ हमलों से पहले 2001 तक ट्विन टॉवर हुआ करते थे.

हमलों में मारे गए लोगों की याद में ग्राउड ज़ीरो पर बनाए गए ‘9/11 स्मारक’ को राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल जनता को समर्पित करेंगी.

इस स्मारक को जनता के लिए इसे 12 सितंबर को खोल दिया जाएगा.

पर इन आयोजनों से पहले, अमरीकी आंतरिक सुरक्षा विभाग की चरमपंथी हमले के ख़तरे के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. अमरीकी आतंरिक सुरक्षा विभाग ने कहा था कि ख़तरा "एकदम साफ़ ठोस पर अपुष्ट है."
मज़बूत हैं इरादे

9/11 हमलों की दसवीं बरसी की पूर्वसंध्या पर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने राष्ट्र के नाम अपने साप्ताहिक रेडियो संबोधन में कहा कि भयावह हमलों के बाद के 'मुश्किल' दशक में ख़तरे के बीच अमरीका मज़बूती से डटा रहा.

ये समय राष्ट्र निर्माण का है और अमरीकी जनता की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सैन्यकर्मियों, खु़फिया एजेंसियों, क़ानून लागू करने वालों और देश की सुरक्षा में तैनात पेशेवरों के अथक प्रयासों का धन्यवाद .

इसमें कोई शक नही कि आज अमरीका दस साल पहले से ज़्यादा मज़बूत है और अल क़ायदा हारने की कगार पर.

बराक ओबामा ने कहा कि अमरीका ने ढीठ दुश्मन का सामना किया और कोई ग़लती नहीं- वह हम पर फिर से हमला करना जारी रखेंगे. लेकिन हम चौकस हैं.

इस बीच, शनिवार को हमलों में मारे गए लोगों के परिजन पेंसनवेलिया के एक मैंदान में एकत्रित हुए.

पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश, वर्तमान उपराष्ट्रपति जो बाइडन ने यहाँ अपहरण किए गए एक यात्री जहाज़ में मारे गए लोगों को श्रृद्धांजलि दी.

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