90 फीसदी या इससे ज्यादा नंबर मिलने पर दोबारा जांची जाएंगी कापियां

प्रति दिन निर्धारित कॉपी से ज्यादा नहीं जांच सकेंगे टीचर

दोबारा मूल्यांकन के समय कॉपियों पर अधिकारी भी रखेंगे नजर

45

कॉपी हाईस्कूल की एक दिन में एक टीचर को जांचने का है मानक

50

कॉपी इंटरमीडिएट की एक दिन में एक टीचर के लिए है निर्धारित

87

छात्र थे पिछले साल इंटरमीडिएट की टॉप टेन की लिस्ट में, मिले थे 94 फीसदी से अधिक नंबर

30

छात्र थे पिछले साल हाईस्कूल 94 फीसदी से अधिक अंक पाकर टॉप टेन लिस्ट में जगह बनाने वाले

इस साल से टॉपर्स की कापियां वेबसाइट पर जारी करेगा यूपी बोर्ड

मूल्यांकन की पॉलिसी तैयार, 17 से शुरू होगी कापियों की चेकिंग

prakashmani.tripathi@inext.co.in

ALLAHABAD: टॉपर्स को लेकर यूपी बोर्ड की लिस्ट पर कोई बखेड़ा नहीं हुआ है फिर भी सरकार रिजल्ट को ठोंक-बजाकर ही जारी करने की तैयारी में है. टॉपर्स की कापियों को बोर्ड की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा ताकि ट्रांसपेरेंसी पर कोई सवाल खड़ा न हो और पिछड़ गए छात्रों को पता चल सके कि उन्होंने गलती कहां की थी. इन सब से ऊपर बिहार बोर्ड के टॉपर्स जैसी कोई किरकिरी न हो. इन सब के लिए पॉलिसी तैयार हो चुकी है. क्रासचेक लेवल को स्ट्रांग और फूलप्रूफ बनाने की योजना पर मुहर लग चुकी है. बता दें कि यूपी बोर्ड की कापियों का मूल्यांकन 17 मार्च से शुरू होने जा रहा है.

पिछले साल भी गिरा था ग्राफ

अखिलेश सरकार ने जाते-जाते बोर्ड की परीक्षा के दौरान सख्ती बरतने की कोशिश की थी. इसका परिणाम रहा कि इंटरमीडिएट में ससम्मान और प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वालों की संख्या में क्रमश: 10.27 और 3.93 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी. ओवरआल रिजल्ट में भी 5.37 फीसदी की गिरावट दर्ज की गयी थी. भाजपा के सत्ता में आने के बाद और सख्ती बरती गयी है. इससे रिजल्ट का ग्राफ और गिरने की संभावना जतायी जा रही है. पिछले साल बिहार बोर्ड में टॉपर्स को लेकर खासी किरकिरी हुई थी. इससे सबक लेते हुए यूपी बोर्ड ने ऐसी योजना बनायी है कि न कापी चेकिंग पर कोई सवाल खड़ा हो और न ही टॉपर पर.

कापी चेकिंग की खास बातें

निर्धारित संख्या से ज्यादा कापियां एक टीचर एक दिन में चेक नहीं करेगा

90 फीसदी या इससे अधिक अंक पाने वाले प्रत्येक छात्र की कापी रीचेक होगी

रीचेक के लिए दूसरे टीचर को लगाया जाएगा

कापियों की रीचेकिंग के दौरान निगरानी के लिए जिम्मेदार अफसर लगेंगे

दोनो लेवल पर संतुष्ट होने के बाद ही कापी पर नंबर चढ़ाए जाएंगे

इस तरह की व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू की जाएगी

बोर्ड का मकसद

कापियां फेयर चेक हों और छात्र को उतने ही नंबर मिलें जितना उसने उत्तर दिया हो

जल्दबाजी में कापियां चेक होने का कोई नुकसान किसी छात्र को न उठाना पड़े

टॉपर्स की कापियां वेबसाइट पर जारी हो तो कोई सवाल खड़ा न हो

टीचर नंबर देने में कोई मनमानी न कर सके

रिजल्ट आने के बाद टॉपर को लेकर कोई बखेड़ा न खड़ा हो

बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गड़बड़ी रोकने के निर्देश दिए गए हैं. इस बार 90 प्रतिशत या इससे अधिक अंक हासिल करने वाले स्टूडेंट की कॉपियों का मूल्यांकन फिर से कराया जाएगा.

-नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड