गोरखपुर के हुमायूंपुर इलाके की है घटना
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में रहने वाला एक युवक बहुत जल्द अमीर बनना चाहता था। उसकी इसी चाहत ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। युवक ने अमीर बनने की चाह में इंटरनेट से नोट छापने की जानकारी हासिल की। नोट छापने की जानकारी मिलने के बाद जनाब ने खुद ही नकली नोट छापने का काम शुरू कर दिया था। सबको हैरान कर देने वाली यह वारदात गोरखपुर के हुमायूंपुर उत्तरी इलाके की है। यहां रहने वाले अक्षय कुमार यादव नामक युवक पर बहुत जल्द अमीर बनने का जुनून सवार था। वह एक होटल में काम करता था। होटल में अमीर और बड़े लोगों को देखकर उसके मन में भी अमीर बनने का जुनून सवार हो गया। फिर क्‍या था शुरु हुआ नकली नोट बनाने का कारोबार।

इंटरनेट से हासिल की नोट छापने की जानकारी
होटल में काम करने के दौरान ही अक्षय ने कम्प्यूटर चलाना सीख लिया। कुछ ही समय में उसने इंटरनेट सर्च में महारत हासिल कर ली। इंटरनेट से नोट छापने की जानकारी हासिल करने के बाद उसने अमीर बनने का सपना पूरा करने के लिए उसने इंटरनेट का ही सहारा लिया। अक्षय ने वहां से  सारी जानकारी हासिल कर खुद ही नोट छापना शुरु कर दिया। अक्षय ने खुद से छापे गए नोट मार्केट में चलाना शुरू कर दिया। इसी दौरान इस बात की भनक पुलिस को लग गई। युवक को इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि पुलिस उस पर नजर रख रही है। बुधवार को पुलिस ने अक्षय यादव के ठिकाने पर छापामार कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

बाजार में नोट चलाने के दौरान पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा
पुलिस ने गोरखनाथ क्षेत्र के हुमायुंपुर में मौजूद उसके कमरे में छापे के दौरान तलाशी ली। पुलिस को वहां से तलाशी के दौरान सौ-सौ के सैंकड़ों नकली नोट बरामद हुए। जो 54,200 रुपये की रकम थी। इसके अलावा सौ-सौ के ही अर्धनिर्मित फर्जी नोट भी पुलिस ने बरामद किए। आरोपी के कमरे से नोट छापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला प्रिंटर, पेपर कटर और एक लैपटाप भी बरामद किया गया। पुलिस ने अब अक्षय से इस संबंध में पूछताछ कर रही है। पुलिस ने नकली नोट सहित सभी सामान जब्त कर लिया है।

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