जमशेदपुर : गर्मी की वजह से बच्चों की नाक से खून खून गिरने की शिकायत बढ़ गई है। सोमवार को कदमा निवासी सोनू सिंह के 12 वर्षीय पुत्र रोहित कुमार के नाक से अचानक से खून गिरने लगा। वे रोहित को लेकर फौरन टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) लेकर पहुंचे। इस दौरान पाया गया कि रोहित के नाक के अंदर मौजूद सतह की खून की वाहिनियां फटने के कारण नकसीर की समस्या हो गई है। गर्मी में सूखी हवा चलने की वजह से इस तरह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। टीएमएच का आंकड़ा देखा जाए तो रोजाना एक से दो मरीज पहुंच रहे हैं। वहीं हर 5 से 6 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जो काफी गंभीर होते हैं। उनके नाक व मुंह दोनों से तेजी से खून गिरता है। इससे हिमोग्लोबिन तक कम हो जाता है। कई बार खून चढ़ाने की नौबत आ जाती है।

किसी भी उम्र में हो सकती नकसीर

नाक से खून गिरने की शिकायतें सिर्फ बच्चों को ही नहीं होती बल्कि सभी उम्र के लोग इसके चपेट में आ सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चिलचिलाती धूप में निकलने से पहले अपने नाक को अच्छी तरह से ढक लें जिससे सूखी हवा अंदर प्रवेश नहीं कर सके। इसके साथ ही नाक में नारियल तेल भी लगा सकते हैं।

आंखों में लालीपन व जलन की समस्या बढ़ी

गर्मी में तेज तपिश और धूप हमारी आंखों को नुकसान पहुंचा रही है। अभी सबसे अधिक एलर्जिक रिएक्शन के मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें सबसे पहले आंखों में पानी आना, चुभन होना, जलन होना और आंखों में लालपन आना शामिल है। महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रोजाना 20 से 25 मरीज इस तरह की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इसके बचाव के लिए सबसे बढि़या तरीका है कि आंखों को बिल्कुल भी न मलें और पहले ठंडे पानी से धोएं। उसके बाद भी दिक्कत आती है तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से दिखाएं।

जिनका ब्लड प्रेशर ज्यादा होता है, उनमें अगर नाक से खून गिरने की समस्या आती है। समान्य मरीजों की अपेक्षा उनका खून देर तक गिरता है। इससे किसी भी मरीज को घबराने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज आसानी से संभव है।

- डॉ। आलोक कुमार, ईएनटी रोग विशेषज्ञ, टीएमएच।

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तेज धूप और उसमें से निकलने वाली अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से आंखों का बचाव जरूरी है। सूरज की अल्ट्रा वॉयलेट किरणें हमारी आंखों को नुकसान पहुंचाती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय धूप चश्मा जरूर पहनें।

- डॉ। सीबीपी सिंह, नेत्र रोग विशेषज्ञ, एमजीएम।