फिनलैंड के स्‍कूल में बच्‍चों को पढ़ा रहा है 1 फुट का काबिल रोबोट टीचर

यह खबर बच्‍चों के साथ साथ स्‍कूल टीचर्स को भी हैरान करने वाली है, क्‍योंकि ऐसा टीचर दुनिया ने अब तक नहीं देखा है। दरअसल फिनलैंड के टेंपरी में एक प्राइमरी स्‍कूल में एक रोबोट को ट्रायल के तौर पर टीचिंग जॉब दी गई है। यह रोबोट 23 भाषाओं में पढ़ाई करा सकता है। एक इंसानी टीचर की तरह बच्‍चों के आढ़े टेढ़े सवालों को सुनकर परेशान नहीं होता और न उसे गुस्‍सा आता है। वो हर सवाल का जवाब बड़ी शांति से देता है। ऐसा टीचर भला बच्‍चों को कहां मिलेगा, जो गुस्‍सा न करता हो। इससे भी मजेदार बात तो यह है कि जब बच्‍चे क्‍लास की पढ़ाई से बोर हो जाते हैं तो यह रोबोट उन्‍हें गंगनम स्‍टाइल में डांस करने भी दिखा सकता है, ताकि बच्‍चों में फिर से एनर्जी लौट आए।

यह ह्यूमनाइड रोबोट बन सकता है भविष्‍य का लोकप्रिय टीचर

इतनी सारी लैंग्वेजस पढ़ाने वाले एक फुट लंबे एलियास नाम के इस रोबोट को सॉफ्टबैंक के एनएओ इंटरेक्टिव कंपेनियन रोबोट प्रोग्राम के अंतर्गत विकसित किया गया है। एलियास नाम के इस रोबोट का पूरा सॉफ्टवेयर प्रोग्राम यूटेलियास नाम की एक कंपनी ने डिजाइन किया है। इस रोबोट से टीचिंग कराने के पीछे मकसद है, कि क्‍या इस तरह के रोबोट की मदद से स्‍कूलों में पढ़ाई के स्‍तर में सुधार किया जा सकता है। फिलहाल यह रोबोट टीचर सिर्फ ट्रायल बेसिस पर यहां काम कर रहा है, लेकिन इसकी काबिलियत देखकर एलियास को भविष्‍य का टीचर बनने में देर नहीं लगेगी।

बच्‍चों को भा रहा है यह नया टीचर

इस स्‍कूल ने एलियास नाम का यह रोबोट टीचर खरीद लिया है। दूसरी ओर मैथ्‍स पढ़ाने के लिए ओवोट नाम के 3 और रोबोट्स का ट्रायल किया जा रहा है। इस स्‍कूल की एक टीचर रीका कोलुनसार्का बताती हैं कि इस रोबोट के आने से क्‍लास में बच्‍चे पढ़ाई में कुछ ज्‍यादा इंट्रेस्‍ट ले रहे हैं और यह अच्‍छी बात है। बच्‍चों को पढ़ाई के लिए मोटिवेट करने का एलियास का तरीका बहुत बढि़या बताया जा रहा है। टीचर के मुताबिक बच्‍चों को उनका यह नया लैंग्‍वेज टीचर पसंद आ रहा है।

इंसानी टीचरों को नहीं है नौकरी का खतरा

इस काबिल रोबोटिक टीचर की खूबियां जानकर अगर आप सोच रहे हैं कि ऐसे मशीनी टीचरों से आने से तो इंसानी टीचर्स की नौकरी पर बन आएगी। तो जनाब ऐसा बिल्‍कुल भी नहीं है, क्‍योंकि एलियास कितना ही काबिल क्‍यों न हो और उसके पास हर सवाल का जवाब भले ही हो, लेकिन एक नार्मल टीचर की तरह वो क्‍लास में अनुशासन कायम नहीं रख पाता। यानि क्‍लास में बच्‍चों का शोरगुल रोक पाने में यह रोबोट टीचर पूरी तरह नाकामयाब रहा। ऐसे में एक बात तो साफ हो गई कि इंसानी टीचर के बिना क्‍लास संभाल पाना किसी रोबोट के लिए मुमकिन नहीं है।

इनपुट: रॉयटर

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