- हरियाणा, यूपी और अब बिहार के आईएएस सरकार के आगे हारे

- ईमानदारी से काम करने की वजह से अशोक खेमका, यूपी की आईएएस दुर्गा नागपाल और निगम कमिश्नर कुलदीप नारायण शामिल

- इनके फेसबुक स्टेटस पर छायी रहती हैं गांधी और विवेकानंद की बातें

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PATNA : जब-जब ब्यूरोक्रेट्स आम लोगों को परेशान करते रहे तो किसी को इससे कोई लेना देना नहीं रहता है. लेकिन यही ब्यूरोक्रेट्स जैसे ही पॉलिटिशयन के घरों तक पहुंचते हैं तो नौकरी और राजनीति की ताकत का पता इन्हें भी चलने लगता है. पिछले दो सालों में देश के तीन ब्यूरोक्रेट्स को पॉलीटिशन के आगे घुटने टेकने पड़ गए. अब तो पटना नगर निगम के कमिश्नर के मामले पर लोग दबी जुबान में कहने लगे हैं कि वो अच्छे प्रशासक थे, मगर राजनीति करने लगे. इसी वजह से वो काम नहीं कर पाए और गवर्नमेंट ने इस मसले पर ही उन्हें हटा दिया. सवाल सिर्फ पटना नगर निगम के कमिश्नर कुलदीप नारायण का ही नहीं है बल्कि इससे पहले हरियाणा में तैनात आईएएस अशोक खेमका और यूपी की आईएएस दुर्गा नागपाल पर भी सरकार का तमाचा लगता रहा है. इन लोगों का कसूर सिर्फ इतना था कि इन लोगों ने पॉलिटिशयन को परेशान कर उसे कटघरे में लाने में लग गए थे. नतीजा हुआ कि इन दोनों के खिलाफ भी एक्शन लिया गया और इन्हें सस्पेंड कर दिया गया.

गांधी और विवेकानंद के रास्ते पर चले

इस संबंध में सोशल एक्टिविस्ट रत्नेश चौधरी ने बताया कि इन तीनों के फेसबुक में समानता है कि तीनों कहीं न कहीं गांधी और विवेकानंद से प्रेरित रहे हैं. इनके कोटेशन का यूज करते हैं. गलती पर न झुकने और गलती करने पर अपनी गलती मान लेने जैसे संवाद के लिए युवाओं को ये प्रेरित भी कर रहे हैं. पटना नगर निगम के मसले पर भी यही हुआ. अपने फेसबुक स्टेटस पर उन्होंने नए निगम कमिश्नर को बधाई देते हुए अपनी बातें पूरी की. इससे एक दिन पहले गांधी जी की पुण्यतिथि पर उनके शब्दों का यूज आगे बढ़ने के लिए किया है. अशोक खेमका और दुर्गा नागपाल भी इसी कटेगरी में अपना फेसबुक वाल अपडेट करते हैं.