-16 जिलों में खुलेंगे 50 बेड के आयुष अस्पताल

-इमरजेंसी की भी मिलेगी चिकित्सा सुविधा

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LUCKNOW: आने वाले समय में आयुष की सभी विधाओं (आयुर्वेद, होम्योपैथिक, यूनानी, योग और सिद्धा) की इलाज की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी. इसके लिए 16 जनपदों में 50 बेड के आयुष अस्पताल खोले जाएंगे. इनका निर्माण कार्य प्रगति पर है और दिसंबर 2018 तक इन्हें शुरू करने की तैयारी है.

पहली बार खुल रहे आयुष अस्पताल

प्रदेश में पहली बार आयुष अस्पताल खोले जा रहे हैं. इनकी खास बात यह होगी कि इनमें आयुष की पांचों विधा का इलाज किया जाएगा. ये अस्पताल लखनऊ, सहारनपुर, अमेठी, सोनभद्र, सुल्तानपुर, संतकबीरनगर, कानपुर देहात, ललितपुर, जालौन, कौशांबी व देवरिया जिलों में होंगे. प्रत्येक अस्पताल को बनाने के लिए 7.25 करोड़ का बजट दिया गया है. इनमें हिजामा थैरेपी, पंचकर्म, सिरोधारा समित तमाम सुविधाएं मरीजों को मिलेंगी. अस्पताल में सर्जरी, अल्ट्रासाउण्ड, ईएनटी, गठिया, मेडिसिन, बाल रोग, स्त्री रोग विभाग, पैथोलॉजी एवं इमरजेंसी की सुविधा होगी.

विशेषज्ञों की होगी तैनाती

आयुष सचिव मुकेश मेश्राम के अनुसार सभी आयुष अस्पताल में एक चिकित्सा अधीक्षक, एसएमओ (पंचकर्म, होम्योपैथी/क्षारसूत्र/इलाज-विद-तदवीर/थोकन्नम का विशेषज्ञ) के तीन, चिकित्साधिकारी-03, रेजीडेंट चिकित्साधिकारी-1, नर्सिंग स्टाफ-12, पंचकर्म टेक्नीशियन-2, योग प्रशिक्षक-01 फार्मासिस्ट-03, प्रयोगशाला टेक्नीशियन-02, एनेस्थेटिस्ट -01, रेडियोलाजिस्ट-01, रोग विज्ञानी-01, नेत्र विशेषज्ञ-01, सामान्य शल्य चिकित्सक-01 और स्त्री रोग विशेषज्ञ-01 के पद होंगे.

कोट-

प्रदेश में आयुष की जरूरत है. एलोपैथिक की तुलना में इसका इलाज भी सस्ता है. हमारी कोशिश है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुष चिकित्सा उपलब्ध हो सके. इसके लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं.

मुकेश कुमार मेश्राम, सचिव आयुष