- खेरागढ़ विधानसभा के गांव सरबन का पुरा में नहीं है लाइट

- सांसद से लेकर विधायक की उदासीनता का है परिणाम

आगरा. क्या आप यकीन कर पाएंगे. कि अब भी लोग अंधेरे में रोशनी की एक किरण के लिए तरस रहे हैं. वह भी तब जब कि केंद्र और राज्य सरकारें बड़े-बड़े होर्डिग लगाकर सौभाग्य योजना के तहत हर घर बिजली पहुंचाने का दावा कर रहे हैं. वहीं आजादी के 71 साल बाद भी खेरागढ़ तहसील के बाद सरबन का पुरा में बिजली नहीं पहुंची है. आज भी यहां के वाशिंदे दीपक के सहारे पढ़ाई करने से लेकर रोटी बनाने को मजबूर हैं. एक ओर हमारा देश डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ा रहा है, तो वहीं इस गांव के लोग आज भी बिजली के लिए तरस रहे हैं.

अनपढ़ हैं लोग

खेरागढ़ विधानसभा के तांतपुर ग्राम पंचायत का सरबन का पुरा बजरा है. इस बजरे की आबादी करीब चार सौ है. ग्राम प्रधान राजू ने बताया कि इस बजरा में अधिकांश लोग अनपढ़ हैं और बंजारा जाति के हैं. आजादी के बाद भी इस गांव में बिजली नहीं जली है. इसके पीछे प्रमुख कारण ये भी है कि इस गांव के लोग इतने भी जागरूक नहीं हैं कि अपनी बात जिला स्तर पर भी रख पाएं. लेकिन ग्राम प्रधान से लेकर सांसद, विधायक, ब्लॉक प्रमुख से लेकर किसी जनप्रतिनिधि ने वोटकें के अलावा विकास के मामले में कोई रुचि ही नहीं ली.

60 साल बाद पड़ी लाइन

ग्राम प्रधान ने बताया कि आजादी के करीब 60 साल बाद सरबन का पुरा में बिजली की लाइन डाली गई, जो कि महज तीन माह के करीब ही चल सकी. इसके बाद आंधी तूफान में लाइन ध्वस्त हो गई. इसके बाद आजतक वहां पर न तो लाइन डाली गई और न ही टूटी लाइन को ठीक किया गया.

किसी ने नहीं किया प्रयास

गांव के लोगों का कहना है कि वोट के दौरान चाहे सांसद हों या फिर विधायक और प्रधान सभी वादा करते हैं कि गांव में बिजली आ जाएगी, लेकिन जीतने के बाद कोई वापस नहीं आता है.

प्रधान का क्या है कहना

ग्राम प्रधान राजू ने बताया कि कई बार एसडीओ स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली. प्रधान ने बताया कि उन्होंने जिले स्तर पर कभी शिकायत दर्ज नहीं कराई है. विधायक सुभाष गोयल से इस संबंध में शिकायत की गई है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही गांव में बिजली आ जाएगी.