- फर्जी आधार कार्ड रोकने के लिए शुरू नई व्यवस्था

- रेटिना के साथ डॉक्यूमेंट भी स्कैन कर होंगे अटैच्ड

BAREILLY:

फर्जी आधार कार्ड रोकने के लिए यूनिक आइडेंटीफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) ने एक नई व्यवस्था की है. अब आधार कार्ड बनाने वाले कम्प्यूटर ऑपरेटर को अप्लीकेंट्स के साथ अपने आंखों के रेटिना को भी स्कैन करना होगा. ताकि, यह प्रूफ हो सके कि अप्लीकेंट्स को जो आधार कार्ड जारी किये जा रहे हैं वह यूआईडीएआई से रजिस्टर्ड ऑपरेटर के जरिए हो रहा है. वहीं कम्प्यूटर ऑपरेटर को जरूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी ही भेजनी होगी. जिससे फोटो कॉपी के बिना भी अप्लीकेंट्स के आधार कार्ड आसानी से बन सकेंगे.

हर बार रेटिना होगा स्कैन

फिलहाल कम्यूटर ऑपरेटर को प्रत्येक आधार कार्ड के प्रोसेस के बाद अपना थम्ब इम्प्रेशन देना पड़ता था. लेकिन अब उन्हें हर बार अपने आंखों के रेटिना को स्कैन करना होगा. यही नहीं अप्लीकेंट्स आधार बनवाने के दौरान जो भी आईडी, एड्रेस प्रूफ और डेट ऑफ बर्थ का रिकार्ड देंगे, उसे भी स्कैन करना होगा. अभी तक अप्लीकेंट्स से इन सबके फोटो कॉपी लिये जा रहे थे. जिसे फिजिकली यूआईडीएआई को भेजना पड़ता था.

एक सिस्टम पर होंगे काम

अलंकित कंपनी के क्षेत्रीय ऑफिस बरेली के ब्रांच मैनेजर अजय अग्रवाल ने बताया कि नई व्यवस्था ऑपरेटर के ऑथेंटिफिकेशन के लिए शुरू की गई है. ताकि, वह किसी एक सिस्टम पर बैठ कर ही अपना कार्य करें. जितने भी आधार कार्ड का प्रोसेस होगा कम्प्यूटर ऑपरेटर को उतनी ही बार अपने आंखों का रेटिना स्कैन करना होगा. बिना इसके सिस्टम वर्क नहीं करेगा और आधार कार्ड नहीं बन सकेंगे.

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बॉक्स

- 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के लिए बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट, मां-पिता में से किसी एक का आधार कार्ड देना होगा.

- 5 वर्ष से ऊपर के अप्लीकेंट्स के लिए आईडेंटी कार्ड, एड्रेस और बर्थ सर्टिफिकेट देना होगा.

- सामान्य आधार कार्ड फ्री में बनेगा.

- आधार कार्ड रिन्युअल की फीस 25 रुपए.

- स्मार्ट आधार कार्ड का फीस 30 रुपए.