JAMSHEDPUR: यूजी व पीजी में नामांकन के अंतिम दिन विभिन्न कॉलेजों में आपाधापी रही. एबीएम, ग्रेजुएट, वर्कर्स, को-ऑपरेटिव कॉलेज में नामांकन को लेकर छात्र-छात्राओं का भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान वैसे सैकड़ों विद्यार्थी भी दिखे, जिन्होंने यूजी में एडमिशन के लिए चांसलर पोर्टल में आवेदन दिया, लेकिन उनका नाम लिस्ट में नहीं आया. विद्यार्थियों का नामांकन न होने को लेकर छात्र संगठनों की भी नींद अंतिम दिन खुली. एबीएम कॉलेज में जहां झारखंड छात्र मोर्चा के नेतृत्व में कॉलेज की प्राचार्य का घेराव किया गया, वहीं छात्र संगठन के कार्यकर्ता प्रिंसिपल चैंबर में ही धरने पर बैठ गए. कार्यकर्ताओं का कहना था कि जब तक सभी छात्रों का नामांकन नहीं हो जाता तब तक वे कार्यालय में ही डटे रहेंगे. इस संबंध में झारखंड छात्र मोर्चा के प्रेम प्रकाश दुबे ने बताया कि मामले में विश्वविद्यालय के अधिकार व चांसलर पोर्टल के अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं.

ग्रेजुएट में लंबी कतार

इधर ग्रेजुएट कॉलेज में यूजी व पीजी में नामांकन को लेकर छात्राओं की लंबी कतार देखी गई. छात्राओं के कागजातों के वेरीफिकेशन के दौरान एक महिला कर्मचारी गर्मी के कारण बेहोश हो गई. बाद में प्राचार्या डॉ. सत्यरूपा श्रीवास्तव और अन्य छात्राओं द्वारा महिला कर्मचारी को प्रिंसिपल चैंबर ले जाकर सुलाया गया. गर्मी के कारण यहां शिक्षिकाओं के साथ-साथ छात्राओं का काफी बुरा हाल था. वर्कर्स कॉलेज में भी कमोबेश यही स्थिति रही.

प्राचार्य ने मांगा मार्गदर्शन

एबीएम कॉलेज गोलमुरी में यूजी में नामांकन को लेकर प्राचार्या डॉ. मुदिता चंद्रा ने चांसलर पोर्टल व विश्वविद्यालय से मार्गदर्शन मांगा है. कॉलेज की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि उनके यहां 40 से अधिक छात्रों ने चांसलर पोर्टल का रिसिप्ट लेकर आवेदन दिया है कि उन्होंने पोर्टल में यूजी में नामांकन को एप्लाई किया था. लेकिन उनका नाम सूची में नहीं आया. इसके अलावा भी कई अन्य छात्रों का नाम नहीं आने की जानकारी मिली है. ऐसे में इन छात्रों का क्या होगा.

पिस रहे स्टूडेंट्स

कोल्हान विश्वविद्यालय में यूजी में लगभग एक हजार छात्रों का नामांकन नहीं हो पाया. इस मामले में विश्वविद्यालय सारा ठीकरा फोड़ रहा है तो चांसलर पोटर्ल के पदाधिकारी विश्वविद्यालय पर. लेकिन बीच में छात्र पिस रहे हैं. स्थिति है कि एसटी व एससी छात्रों का नामांकन पहले लेने के कारण सामान्य कैटेगरी के बच्चों का सूची से नाम ही गायब कर दिया गया है. लगभग सभी कॉलेज से इस तरह की शिकायत मिली है कि उनके यहां कई छात्रों ने शिकायत की है चांसलर पोर्टल में आवेदन के बावजूद उनका सूची में नाम नहीं आया है. सारे छात्रों के पास पोर्टल में आवेदन का रिसिप्ट भी है. यूजी में नामांकन को लेकर कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा जारी निर्देश में फंसा गया है कि सूची में नाम नहीं होने पर किसी भी परिस्थिति में नामांकन नहीं लिया जाना है. जबकि छात्रों के पास चांसलर पोर्टल का रिसिप्ट है, इसके बावजूद उनके नाम सूची में नहीं आ पाये हैं.