अखाड़ों के अंदर खर्च होगा कुंभ के लिए स्वीकृत धन

आधा दर्जन से अधिक अखाड़ों की भूमि पर होगा करोड़ों का काम

balaji.kesharwani@inext.co.in

ALLAHABAD: कुंभ मेला 2019 को भव्य व विशाल बनाने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने खजाना क्या खोला, नगर निगम के साथ ही डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन पब्लिक की सुविधाओं को दरकिनार कर अखाड़ों को खुश करने में लग गया है. तभी तो सरकारी धनराशि से अखाड़ों में करोड़ों रुपये की लागत से यात्री शेड के साथ ही अन्य जन सुविधा निर्माण कार्य कराने के लिए टेंडर निकाला गया है. इसके लिए ठेकेदारों से आवेदन मांगा गया है. नगर निगम एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा टेंडर निकाले जाने के बाद इस प्रक्रिया पर अब सवाल उठने लगे हैं.

साढ़े तीन करोड़ का बजट

कुंभ मेला के कार्यो को लेकर मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सक्रिय हैं. मेला में देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए प्रदेश सरकार ने साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है. कमी होने पर और धनराशि जारी करने का भी निर्देश दिया गया है.

एडमिनिस्ट्रेशन के साथ ही नगर निगम को भी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड व अन्य कार्य कराने की जिम्मेदारी दी गई है. डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन व नगर निगम को मेला क्षेत्र के साथ ही शहर एरिया में कहीं भी सरकारी जमीन नहीं मिल रही है, जहां यात्री शेड का निर्माण कराया जा सके. तभी तो नगर निगम ने करीब साढ़े आठ करोड़ की लागत से आधा दर्जन से अधिक अखाड़ों के अंदर यात्री शेड के साथ ही जनसुविधा कार्य कराने का प्लान बनाया है. इसके लिए टेंडर निकाला गया है. ठेकेदारों को 18 अप्रैल तक आवेदन करने को कहा गया है. क्योंकि 18 अप्रैल को ही टेंडर निकाला जाएगा.

इन कार्यो के लिए निकाला टेंडर

110.60 लाख से

नई बस्ती कीडगंज निर्मल पंचायती अखाड़ा परिसर में जनसुविधा का निर्माण.

119.00 लाख से

दारागंज भारतीय स्टेट बैंक के सामने निर्वाणी अखाड़ा गंगा भवन की भूमि पर जनसुविधा का निर्माण कार्य.

93.32 लाख से

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी अखाड़ा मकान नंबर 47-44 मोरी दारागंज इलाहाबाद में जन सुविधा का निर्माण कार्य.

133.63 लाख से

हटिया पुलिस चौकी के निकट पंचकोशी रोड मुट्ठीगंज में मकान नंबर 265 मुट्ठीगंज में श्री पंचायती अखाड़ा उदासीन के अंदर तीर्थ यात्रियों को ठहरने के लिए जनसुविधाओं का निर्माण कार्य.

100.00 लाख से

यमुना बैंक रोड स्थित त्रिवेणी दर्शन के निकट जूना अखाड़ा भूमि पर तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए जनसुविधाओं का निर्माण कार्य.

100.00 लाख से

बाघम्बरी गद्दी अल्लापुर के समीप तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए जनसुविधा का निर्माण कार्य.

123.68 लाख से

बाघम्बरी गद्दी अल्लापुर के पीछे नेह निकुंज कॉलोनी में आनंद अखाड़ा 90 सी-10एम के अंदर तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए जनसुविधाओं का निर्माण.

100.00 लाख से

पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा कीडगंज परिसर में तीर्थ यात्रियों के ठहरने के लिए जनसुविधा का निर्माण कार्य

अखाड़े किसी की निजी संपत्ति नहीं हैं. बहुत से अखाड़ों में समिति व सोसायटी बनी है. अखाड़ों के अंदर निर्माण कार्य कराए जाने संबंधित प्रस्ताव पर एक-दो दिन के अंदर कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी. उज्जैन और हरिद्वार में भी इसी तरह के काम हुए हैं. इसलिए यहां भी उसी तर्ज पर काम हो रहा है. टेंडर अभी हुआ नहीं है.

अभिलाषा गुप्ता

मेयर, नगर निगम

इलाहाबाद

सरकारी धनराशि का इस्तेमाल किसी भी व्यक्ति या संस्था की निजी जमीन पर निर्माण कार्य में नहीं किया जा सकता है. अखाड़ों के अंदर यात्री शेड या अन्य निर्माण होंगे तो वे अखाड़ों की संपत्ति हो जाएगी. अपने कार्यकाल में कुंभ के दौरान मैंने नगर निगम की जमीन पर ही रैन बसेरों का निर्माण कराया था. निगम के पास अब इतनी जमीन नहीं बची है कि वह ट्यूबवेल लगा सके.

चौधरी जितेंद्रनाथ सिंह

पूर्व मेयर, नगर निगम इलाहाबाद

जब से कुंभ व अ‌र्द्धकुंभ का आयोजन हो रहा, तब से आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ है कि सरकारी धन से किसी अखाड़े के अंदर निर्माण कार्य कराया जाए. योगी सरकार में साधुओं पर विशेष कृपा की जा रही है. जबकि यात्री आते हैं तीर्थ पुरोहितों के पास. तीर्थ पुरोहित मेला को बसाने का कार्य करते हैं. केवल आश्रम व अखाड़ों को सुविधाएं दी जा रही हैं. अखाड़ों में यात्री शेड बनने के बाद यात्री नहीं उसमें साधू ही रहेंगे.

सुभाष पांडेय

संरक्षक

प्रयागवाल सभा, इलाहाबाद