देहरादून

मसूरी-धनोल्टी रोड पर सैटरडे सुबह तम्मूधार के पास एक कार पहाड़ी से गिर गई. सड़क से करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिरने से कार सवार दिल्ली निवासी तीन टूरिस्ट युवकों की मौत हो गई और एक गंभीर घायल है. आईटीबीपी,पुलिस व फायर सर्विस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से करीब चार घंटे तक मशक्कत कर शव और घायल को खाई से निकाला. घायल युवक को इलाज के लिए दून अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के शिकार युवक दिल्ली के लक्ष्मी नगर से मसूरी-धनोल्टी घूमने के लिए फ्राइडे रात को ही कार से रवाना हुए थे. रातभर कार ड्राइव कर सुबह मसूरी से धनोल्टी के रास्ते में खतरनाक मोड पर कार अनकंट्रोल होकर सड़क की रैलिंग तोड़ते हुए खाई में जा गिर तीनों मृतकों के शव मसूरी में ही है. हादसे की सूचना पर परिजन देर रात दून पहुंच गए.

हादसा शनिवार सुबह 6 बजे मसूरी से धनोल्टी के बीच हुआ. दिल्ली से चार युवक आई-20 कार नंबर डीएल 2सी एडब्लू 8734 में मसूरी से पहले जेपी बैंड से धनोल्टी मार्ग पर मुडे. सुवाखोली से लगभग तीन किमी आगे तम्मूधार में खतरनाक मोड पर कार अनकंट्रोल होकर सड़क की बैरिकेडिंग तोड़ते हुए लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी. कार गिरने की आवाज सुनकर तम्मूधार और कथियाणा के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी. खाई में गिरने से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हादसे में कार सवार दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी सूरज रावत और उसके दो दोस्त प्रिंस तंवर वे मन्नू की मौके पर ही मौत हो गई. सूरज का मौसेरे भाई राहुल को घायल हालत में खाई से निकाल कर 108 एंबुलेंस से दून हॉस्पिटल लाया गया. राहुल की हालत खतरे से बाहर है.

पुलिस,आईटीबीपी और फायर सर्विस ने किया रेस्क्यू:

हादसे की सूचना पर पुलिस व फायर सर्विस के जवान घटना स्थल पर पहुंचे. ग्रामीणों की मदद से घायल युवक राहुल को सबसे पहलेखाई से निकाल कर 108 की मदद से देहरादून रवाना किया. इस बीच आईटीबीपी के जवान भी मौके पर पहुंच गए. पहाड़ी की ढलान बिल्कुल खड़ा और खतरनाक होने के कारण मृतकों के शव खाई से निकालकर बाहर लाने में खासी मशक्कत्त करनी पड़ी. करीब 10 बजे पहुंचे आईटीबीपी के जवानों की मदद से शवों को उपर लाया जा सका. तीनों शव मसूरी के सरकारी अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाए हैं.

दिल्ली से रात भर कार चलाकर पहुंचे और हो गया हादसा:

पुलिस की सूचना पर मृतकों के परिजन शाम 5 बजे दिल्ली से दून पहुंच गए. सबसे पहले दून अस्पताल में भर्ती राहुल से मिले. राहुल के भाई राकेश ने बताया कि सूरज की कार में सभी फ्राइडे रात की मसूरी-धनोल्टी घूमने के लिए दिल्ली से रवाना हुए थे. रात को कार ड्राइव करते हुए यहां पहुंचे और सुबह हादसा हो गया. पुलिस कई बार यह दावा कर चुकी है कि रात के समय मसूरी की पहाड़ी पर बाहरी वाहनों को चढ़ने उतरने से रोका जाएगा. चैकिंग प्वाइंट बनेंगे, लेकिन अभी कुछ नहीं हो पाया.

तीन दोस्त और एक मौसेरा भाई:

कार सवार सूरज प्रिंस और मन्नू आपस में दोस्त थे. घायल राहुल सूरज का मौसेरा भाई है. सूरज और राहुल के परिवार मूलत: कुमांऊ के रहने वाले हैं. सूरज, प्रिंस और मन्नू प्राइवेट नौकरी करते थे. लता रावत नाम से रजिस्टर्ड आई-20 कार सूरज की मां की बताई जा रही है. हादसे के वक्त कार कौन चला रहा था, यह अभी साफ नहीं हो पाया. घायल राहुल पीछे की सीट पर बैठा था. भीषण हादसा और उम्र में सब से छोटा राहुल का बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं.

हादसे में मृतक:

सूरज रावत पुत्र मदन रावत 21

प्रिंस तंवर पुत्र बिट्टू तंवर 24

मन्नू 20

घायल

राहुल रावत पुत्र राजेंद्र रावत 19

सभी निवासी लक्ष्मी नगर दिल्ली

जहां हादसा हुआ वह जगह खतरनाक:

जहां हादसा हुआ तम्मूधार के ठीक इसी स्थान पर लगभग आठ साल पहले भी एक दुघर्टना हुई थी. यह अंधा मोड़ है और सड़क भी संकरी है. इस बैंड को चौड़ा करने के लिए अनेक बार पीडब्लूडी तथा प्रशासनिक अधिकारियों को लिखा गया लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया.

मौत की खाई बनती जा रही मसूरी की वादियां:

मसूरी की वादियों में घूमने आने वालों के साथ आए दिन हादसे हो रहे हैं. कभी नशे में तो कभी नींद और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से एक के बाद एक हादसे हो रहे है. पुलिस कई बार चैकिंग, रात में वाहनों की नो एंट्री और सड़कों में सुधार का दावा करती है,लेकिन आज तक कोई प्रयास धरातल पर नहीं आ पाया.