- भूकम्प में असुरक्षित 1000 बिल्डिंग्स के खिलाफ एक साल में भी कार्रवाई नहीं कर सका केडीए

-भूकम्प के दौरान केडीए बिल्डिंग से बाहर निकलने के लिए हर फ्लोर के लिए स्टेयर्स भी बनवा सके अफसर

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KANPUR: ठीक एक साल पहले एक के बाद एक भूकम्प के झटकों से कानपुर की भी धरती हिली तो केडीए अफसरों में अफरातफरी मच गई. भूकम्प में असुरक्षित शहर की मल्टीस्टोरी की लिस्ट बनी. पर जैसे-जैसे समय बीतता गया. असुरक्षित इमारतों की फाइलों पर धूल चढ़ती गई. फाइलों के साथ केडीए बिल्डिंग में भूकम्प के दौरान इम्प्लाइज के जान-माल के सुरक्षा के इंतजामों को भी भूल गए.

रियल एस्टेट सेक्टर को जोर का झटका

पिछले 26 अप्रैल को पहली नेपाल में आए जबरदस्त भूकम्प से कानपुर में भी धरती हिल गई. इसके बाद मई में कानपुर में भूकम्प के झटके महसूस किए गए. इससे मल्टीस्टोरी में रहने वाले सहम गए थे. लगातार भूकम्प आने से रियल एस्टेट सेक्टर को भी जोर का झटका लगा था. केडीए सहित बिल्डर्स के फ्लैट बिकना कम हो गए थे.

कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाया केडीए

भूकम्प के बाद केडीए ने केवल जोन-1 में भूकम्प से असुरक्षित 1000 बिल्डिंग्स की लिस्ट बनाई थी. केडीए वीसी जयश्री भोज ने कार्रवाई के लिए इनकी लिस्ट डीएम रोशन जैकब को भेजी थी. पर डीएम ने केडीए को कार्रवाई में पूरी पुलिस व प्रशासनिक मदद देने की बात कहकर फाइल लौटा दी. लेकिन इसके बाद केडीए अफसरों की मल्टीस्टोरी बिल्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं पड़ी. जोन-2, जोन-3 व जोन-4 में ऐसी ि1बल्डिंग्स की लिस्ट बनाना तक भूल गए.

केडीए बिल्डिंग में नहीं किए गए इंतजाम

केडीए में हर रोज केडीए अफसर, इम्प्लाइज सहित हजारों लोगों का आवागमन होता. पर तीन मंजिली बिल्डिंग होने के बावजूद एक ही स्टेयर्स है. केडीए वीसी ऑफिस के सामने के स्टेयर्स बन्द हैं. सीढि़यों पर जबरदस्त मलबा, गन्दगी जमा हैं. कुल मिलाकर भूकम्प के दौरान केडीए बिल्डिंग से हजारों लोगों के निकलने की केवल एक ही स्टेयर्स हैं. हालांकि पिछले साल भूकम्प के दौरान अफसरों ने हर फ्लोर के लिए अलग से स्टेयर्स बनाने के दावे किए थे. पर समय बीतने के साथ दावे हवा में उड़ गए. एक साल बीतने के बावजूद इन स्टेयर्स का अता-पता नहीं है. केडीए सेक्रेटरी जगदीश त्रिपाठी ने मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की फाइल और स्टेयर्स मामले में अनभिज्ञता जताई.