-फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने की रोहनिया स्थित डेयरी फार्म पर छापेमारी

-काशी ब्रांड से पैकेट बंद दूध में डिटर्जेट मिलाने की शिकायत पर हुई कार्रवाई

-साढे़ चार लाख मूल्य का नौ हजार लीटर दूध किया नष्ट

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VARANASI : शहर के नौनिहालों की सेहत से खिलवाड़ करने का बड़ा खुलासा मंगलवार को हुआ। जगतपुर स्थित प्योर सल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी में मिलावटी दूध तैयार करने की शिकायतों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग की टीम ने रोहनिया स्थित डेयरी फार्म पर छापा मारा। यहां तैयार हो रहे पैकेट बंद 'काशी' ब्रांड के दूध की शुरुआती जांच में दूध में डिटर्जेट पाउडर के अंश मिले हैं। इसके बाद नौ हजार आठ सौ लीटर दूध नष्ट किया गया। रविवार की रात में खाद्य विभाग की टीम सैंपल लिया था। मंगलवार को रिपोर्ट आते ही टीम ने दूध नष्ट कराया।

मध्य प्रदेश से आ रहा था दूध

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को भनक लगी कि मध्य प्रदेश, मुरैना से मिलावटी दूध जगतपुर स्थित प्योर सल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी 'काशी' द्वारा खरीदा जाता है। जांच पड़ताल के बाद रविवार की रात साढ़े दस बजे डेयरी फार्म पर आधा दर्जन सदस्यों की टीम ने छापेमारी शुरू की। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजीव सिंह के नेतृत्व में छापेमारी शुरू हुई तो काशी ब्रांड की पाश्चूराइज्ड टोंड मिल्क, पाश्चूराइज्ड फूल क्रीम मिल्क, पाश्चूराइज्ड टोन्ड मिल्क और मिश्रित दूध का सैंपल लिया गया। सभी सैंपल को 20 मई की दोपहर में ही फास्ट टै्रक एनालिसिस के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला लखनऊ भेजा गया। इसके बाद चारों सैंपल में डिटर्जेट की पुष्टि होने व मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाए जाने के कारण एडीएम सिटी विनय कुमार सिंह, एसीएम फ‌र्स्ट, खाद्य सुरक्षा आयुक्त की मौजूदगी में मंगलवार को कार्रवाई की गई। 9814 लीटर दूध नष्ट किया गया। इसके अलावा 70000 रुपये मूल्य की मीडियम फैट क्रीम 280 किलो ग्राम जब्त किया गया। अब कंपनी मालिक, प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई तय है।


पुलिस को नहीं लगी भनक

सबसे बड़ी बात यह कि रोहनिया थाना एरिया में कई माह से मिलावटी दूध तैयार कराया जा रहा था, बावजूद किसी को भनक नहीं लगी। रोहनिया थाना पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं कि एरिया में दूध के काले धंधे पर कोई निगाह नहीं थी। आलाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद मामले ने और धार पकड़ लिया है।

जांच के घेरे में अन्य दूध कंपनियां

काशी ब्रांड दूध की पोल खुलने के बाद फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने अन्य दूध कंपनियों पर निगाह डालना शुरू कर दिया है। करीब आधा दर्जन कंपनियों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई का मूड बना लिया है। जल्द ही सैंपल के आधार पर कार्रवाई तय होगी।