- चौक डिवीजन के तहत नई व्यवस्था की गई शुरू

- बेहतर रिस्पांस मिला, अब पूरे डिस्कॉम में व्यवस्था होगी लागू

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LUCKNOW: शहर की सकरी गलियों में रहने वाले बिजली बकाएदार भी अब जिम्मेदारों की पकड़ से दूर नहीं रह पाएंगे. इसकी वजह यह है कि गूगल मैपिंग की मदद से न सिर्फ उनको सामने लाया जाएगा बल्कि बकाया राशि का एक-एक रूपया भी वसूल किया जाएगा. इस व्यवस्था के चौक डिवीजन में लागू होने के बाद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं. जिसके बाद अब गूगल मैपिंग की व्यवस्था को पूरे मध्यांचल डिस्कॉम में लागू करने की तैयारी की जा रही है. इस बाबत मध्यांचल डिस्कॉम के एमडी की ओर से निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.

अभी आती है समस्या
महकमे की टीमों की ओर से बिजली बकाएदारों के खिलाफ नियमित रूप से अभियान तो चलाया जाता है और उनसे बकाया राशि जमा भी कराई जाती है, लेकिन ऐसे कई बकाएदार बच जाते हैं, जो ऐसी गली या मोहल्लों में रह रहे हैं, जहां तक टीम का पहुंचना संभव नहीं हो पाता है. इसकी वजह से इन बकाएदारों पर बकाया बिजली राशि का आंकड़ा बढ़ता चला जाता है और महकमे को राजस्व संबंधी नुकसान होता है.

मिला आइडिया, बढ़ाए कदम
ईई चौक की ओर से इस व्यवस्था को शुरू करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाए गए. उन्होंने घर-घर फूड डिलीवर करने वाली एक कंपनी की वर्किग स्टाइल को स्टडी किया. उन्होंने मुख्य रूप से यही देखा कि कंपनी के कर्मचारी किस तरह से एक्यूरेट टाइम से अलग-अलग इलाकों में स्थित घरों तक पहुंच जाते हैं. स्टडी के बाद उन्होंने पाया कि गूगल मैपिंग की मदद ली जाती है, जिसके बाद उन्होंने भी गूगल मैपिंग का सहारा लिया और करीब 15 से 17 दिन तक अच्छी तरह से होमवर्क किया.

पहले 2 हजार बकाएदार
पहले चरण में उन्होंने करीब दो हजार ऐसे उपभोक्ताओं के नाम व पता गूगल में फीड किया, जिन पर दस हजार से अधिक राशि बकाया है. इसका खासा रिस्पांस भी सामने आया. गूगल मैपिंग की मदद से वे उन सभी बकाएदारों तक आसानी से पहुंच गए, जो लंबे समय से नहीं मिल रहे थे. बकाएदारों के सामने आने के बाद सभी से रिकवरी शुरू भी कर दी गई है.

ये हैं फायदे

1-बिजली बकाएदारों तक पहुंचना हुआ आसान

2-अभियान में मौके पर ही पता लगाया जा सकेगा बकाएदारों के घरों के बारे में

3-बिना जानकारी दिए एड्रेस नहीं चेंज कर सकेंगे उपभोक्ता

4-संकरी गलियों में रहने वालों के घर भी पहुंचेंगे बिजली बिल

यह बात सही है कि गूगल मैपिंग की मदद से बिजली बकाएदारों तक पहुंचना खास आसान हो गया है. मेरे डिवीजन में इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं. इस व्यवस्था को शुरू करने से पहले खासा होमवर्क करना पड़ा.

राम अवतार, ईई, चौक

बिजली बकाएदारों तक पहुंचने में यह व्यवस्था खासी कारगर साबित हुई है. इसे ध्यान में रखते हुए सभी एक्सईएन को निर्देश दिए गए हैं कि वे भी अपने यहां यह व्यवस्था लागू करें.

संजय गोयल, एमडी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि.