- अवैध ड्राइविंग स्कूल्स पर कार्रवाई का शासन ने दिया निर्देश

- बिना किसी ग्राउंड के सिटी की सड़कों पर देते हैं वाहन चलाने की ट्रेनिंग

GORAKHPUR: सिटी में अवैध रूप से चल रहे ड्राइविंग स्कूलों की अब खैर नहीं होगी. बिना किसी रजिस्ट्रेशन व मान्यता के चलने वाले ऐसे ट्रेनिंग स्कूलों के खिलाफ शासन की तरफ से कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. जिसके तहत जिला प्रशासन के निर्देश पर गोरखपुर जनपद में मौजूद करीब 47 ड्राइविंग स्कूलों की जांच कर अवैध रूप से चल रहे ड्राइविंग स्कूलों पर आरटीओ और नगर निगम की टीम कार्रवाई करेगी. जिसके लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाकर धरपकड़ की जाएगी.

थमा देते हैं फर्जी सर्टिफिकेट

बता दें, इन दिनों सिटी समेत आसपास एरिया में धड़ल्ले से ड्राइविंग स्कूल खुल चुके हैं. तीन से चार हजार रुपए प्रतिमाह फीस लेकर चार पहिया वाहन सिखाने का ठेका लेते हैं. इनमें से कई के संचालक सेंटर के बाहर भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लिखवा फर्जी सर्टिफिकेट देकर लोगों से ठगी कर रहे हैं. इसी तरह के ड्राइविंग स्कूलों खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन की तरफ से जिला प्रशासन को निर्देश जारी किया गया है.

4-5 कार में हो जाती है ट्रेनिंग

जिला प्रशासन की तरफ से नगर निगम व आरटीओ को अवैध ड्राइविंग स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया है. वहीं ट्रैफिक पुलिस भी सिटी के सड़कों पर चलने वाले ड्राइविंग स्कूलों की कारों के खिलाफ चालान काटने का काम करेंगे. एक ्राइविंग स्कूल के एक संचालक ने बताया कि वे 25-30 हजार रुपए में चार से पांच मारूति सुजूकी कार खरीदकर उसे मोडिफाइ करते हैं. उसके बाद उसे ट्रेनिंग के लिए सिटी के सड़कों पर उतारते हैं. इसके लिए दो से तीन ड्राइवर रखते हैं जो ट्रेनिंग देते हैं. सुबह के दो से तीन घंटे के लिए वे लोगों को कार सिखाने का काम करते हैं. इसके एवज में 3-4 रुपए फीस वसूलते हैं. सर्टिफिकेट ऐसा देते हैं जिसका कहीं कोई उपयोग ही नहीं हो सकता है.

सिटी में यहां चल रहे ड्राइविंग स्कूल

- स्टेशन रोड

- पैडलेगंज रोड

- टीपी नगर रोड

- खोराबार

- मेडिकल कॉलेज रोड

- कूड़ाघाट

वर्जन

किसी भी कीमत पर फर्जी मोटर ड्राइविंग स्कूल नहीं चलने दिए जाएंगे. इनके खिलाफ आरटीओ व नगर निगम समेत ट्रैफिक पुलिस को कार्रवाई करनी है.

- के विजयेंद्र पांडियन, डीएम