कानपुर। भारत बनाम इंग्लैंड के बीच ओवल में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट में मेहमान टीम इंडिया को 118 रन से हार मिली। इंग्लैंड ने आखिरी पारी में भारत को जीत के लिए 464 रन का लक्ष्य दिया था। भारत के शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाने के बाद लगा कि यह मैच भारत के हाथ से निकल गया मगर छठे विकेट के लिए केएल राहुल और ऋषभ पंत के बीच हुई 200 रनों की साझेदारी ने भारत को मैच में वापस ला दिया। भारत की पारी के 81 ओवर तक तो सब ठीक चला लेकिन जैसे ही 82वां ओवर फेंकने आदिल रशीद आए तो मैच का पासा ही पलट गया।
जिस गेंद पर केएल राहुल हुए आउट,वैसी गेंद 21वीं सदी में किसी ने नहीं फेंकी
आदिल रशीद की जादुई गेंदबाजी

क्रिकइन्फो के डेटा के मुताबिक, इंग्लिश स्पिन गेंदबाज आदिल रशीद ने 82वों ओवर की पहली ही गेंद पर राहुल (149) को बोल्ड कर दिया। यह गेंद ऐसी थी जिसे देखकर पूरी दुनिया हैरान रह गई। क्रिकेट मैदान पर इससे ज्यादा गेंद को टर्न लेते हुए शायद ही किसी ने देखा होगा। इसको आप ऐसे समझ सकते हैं कि रशीद ने राहुल के लेग साइड करीब 6वें स्टंप पर गेंद का टप्पा दिलाया और गेंद घूमते हुए सीधे राहुल का ऑफ स्टंप ले उड़ी। आईसीसी ने अपने अफिशल इंस्टाग्राम अकाउंट पर उस गेंद का प्रोजेक्शन भी दिखाया और कैप्शन लिखा कि, 'ये है जादुई गेंदबाजी'।

21वीं सदी की सबसे बेहतरीन गेंद
आदिल रशीद की इस करिश्माई गेंद देखने के बाद क्रिकेट फैंस इसे '21वीं सदी की सबसे बेहतरीन गेंद' कह रहे हैं। यही नही कुछ लोग तो इसकी तुलना बॉल ऑफ द सेंचुरी से कर रहे हैं। साल 1993 में ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वार्न ने ऐसी ही कुछ गेंद फेंकी थी जिसने पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया था।
जिस गेंद पर केएल राहुल हुए आउट,वैसी गेंद 21वीं सदी में किसी ने नहीं फेंकी
जानें कैसे फेंकी गई थी 'बॉल ऑफ द सेंचुरी'
शेन वॉर्न महान लेग स्पिनर रहे हैं, इस बात का सबूत उन्‍होंने 1993 एशेज सीरीज में दिया था। इंग्लिश बल्लेबाज माइक गेटिंग स्‍ट्राइकर एंड पर थे और गेंद वॉर्न के हाथों में थी। गेटिंग ने अभी चार रन ही बनाए थे कि उनका सामना बॉल ऑफ द सेंचुरी से हो गया। वॉर्न ने गेंद ऐसी घुमाई कि वह लेग स्‍टंप के बाहर टप्‍पा खाकर इतनी तेज अंदर घूमी कि गेटिंग का ऑफ स्‍टंप उड़ गया। इसके बाद तो मानों, पूरे क्रिकेट जगत में तूफान सा आ गया, हर कोई हैरान था कि गेंद इतनी कैसे घूम सकती है। इस मैच में वॉर्न ने 8 विकेट लिए थे और कंगारू टीम यह मैच 179 रन से जीत गई। उस वक्‍त विस्‍डन मैग्‍जीन में एक खबर छपी थी कि, 'क्रिकेट इतिहास में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि एक गेंद पूरे मैच यहां तक कि पूरी सीरीज में चर्चा का विषय बनी रही।'

ओवल मैदान पर इसलिए हारा भारत, 47 सालों से है यहां जीत का इंतजार

सबसे लंबा रन-अप लेने वाले इस गेंदबाज ने टाई करवाया था पहला टेस्ट मैच

Cricket News inextlive from Cricket News Desk