-खत्म होने वाला है अगस्त, फॉर्म ही भरवा रहे, प्रथम वर्ष के दाखिले में ही हुई थी देरी

-अब जल्द हॉस्टल मिलने की उम्मीद बेमानी, डीएसडब्ल्यू कार्यालय का चक्कर काट रहे स्टूडेंट्स

vikash.gupta@inext.co.in

ALLAHABAD: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हॉस्टल्स को लेकर कोई पुख्ता प्लानिंग न होने से एक बार फिर छात्र असमंजस की स्थिति में हैं. उन्हें नहीं समझ आ रहा है कि न्यू एकेडमिक सेशन 2018-19 में उन्हें हॉस्टल कब तक मिल पाएगा? हॉस्टल के लिए आवेदन करने वाले छात्र अभी से यह पता लगाने में जुटे हैं कि उन्हें हॉस्टल किस महीने तक मिलने की संभावना है? इन सवालों को लेकर स्टूडेंट्स डीएसडब्ल्यू कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं.

फॉर्म ही जमा होते रहे

एक तरफ छात्र जहां जल्द हॉस्टल मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं. वहीं एयू का डीएसडब्ल्यू कार्यालय आधा अगस्त बीत जाने के बाद भी हॉस्टल फॉर्म ही जमा करवा रहा है. एयू के डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से जारी सूचना में कहा गया था कि शोध पाठ्यक्रमों (2017-18) के ऐसे स्टूडेंट्स जो विश्वविद्यालय छात्रावास में प्रवेश लेना चाहते हैं, आवेदन फार्म जमा कर दें. फॉर्म विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है. पूर्ण रूप से भरे फॉर्म डीन विद्यार्थी कल्याण कार्यालय में जमा होंगे. 2017-18 के शोध छात्रों हेतु छात्रावास आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि 17 अगस्त रखी गई थी. खास बात यह है कि जिन शोध छात्रों से आवेदन मांगा गया है वे पिछले वर्ष के शोध छात्र हैं. मतलब साफ है कि उन्हें लास्ट ईयर हॉस्टल में प्रवेश ही नहीं मिल सका था. वहीं न्यू एकेडमिक सेशन 2018-19 में दाखिला पाने वाले प्रथम वर्ष के स्नातक छात्र-छात्राओं से 24 अगस्त तक फॉर्म भरवाया गया है.

10 अगस्त तक प्रवेश हुआ

यहां गौर करने वाली बात यह है कि जिन शोध छात्रों से आवेदन फार्म मांगे गए हैं वे भी पिछले एकेडमिक सेशन के हैं. वैसे इस बार हॉस्टल अलॉटमेंट में देरी का बड़ा कारण इविवि की लम्बे समय तक चली प्रवेश प्रक्रिया होगी. बता दें कि इविवि में एकेडमिक सेशन की शुरुआत 02 जुलाई से हुई थी. इसके बाद प्रवेश प्रक्रिया 10 अगस्त तक संचालित की गई. इसमें यूजी, पीजी, लॉ समेत अदर कोर्सेस के एडमिशन शामिल हैं. साफ है कि जब प्रथम वर्ष में दाखिला ही 10 अगस्त तक खिंचा है तो हॉस्टल की उम्मीद जल्दी करना ही बेमानी होगा.