बोर्ड एग्जाम शुरू होने के बाद भी सही नहीं हुए प्रवेश पत्र

सब्जेक्ट के साथ नाम में भी गड़बडि़यां, भटक रहे स्टूडेंट्स

केस- 1 इंग्लिश की जगह उर्दू

इंटरमीडिएट के छात्र अरुण सिंह ने इंग्लिश सब्जेक्ट भरा है, लेकिन प्रवेशपत्र में इंग्लिश की जगह उर्दू लिखा है. इसके लिए वो बोर्ड में चक्कर काट रहा है.

केस-2 हिंदी की जगह इंग्लिश

इंटरमीडिएट के छात्र राहुल शर्मा ने हिंदी विषय भरा है, हिंदी की जगह उसके प्रवेशपत्र में इंग्लिश लिखा है. उसके तो नाम में भी गड़बड़ी है.

केस-3- साइंस साइड का मैथ्स

हाईस्कूल की स्नेहा तोमर ने एलीमेंट्री मैथ्स भरा है उसके एडमिट कार्ड में साइंस साइड का मैथ्स लिखा है, चिंता है कि कैसे वो बिना पढ़े परीक्षा दे.

Meerut . यूपी बोर्ड की ओर से जारी प्रवेश पत्रों में गड़बडि़यां छात्रों के लिए मुसीबत बन गए हैं. हालत यह है कि एग्जाम शुरू हो चुके हैं, बावजूद इसके, छात्र इन गड़बडि़यों को दूर करने के लिए बोर्ड ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं. ये महज तीन केस नहीं हैं, बल्कि ऐसे कई स्टूडेंट्स हैं जो लगातार विभाग में चक्कर काट रहे हैं. जिनमें स्टूडेंट्स पूरे साल हिंदी पढ़ते रहे और उन्हें इंग्लिश की परीक्षा देनी होगी, वहीं जो ड्राइंग पढ़ता था, अब उसे उर्दू की परीक्षा देनी होगी. ऐसी अजीब सी बाते सुनने में आ रही है, जी हां ये कारनामा इन दिनों यूपी बोर्ड में चल रहा है. जिसके चलते सैकड़ों स्टूडेंटस अपनी समस्याओं को सॉल्व कराने के लिए भटक रहे हैं, ऐसे में उन्हें ये भी जानकारी नहीं कि वो किसके पास जाकर समस्या सॉल्व कराए.

दूर कर रहे समस्याएं

डीआईओएस गिरिजेश चौधरी ने कहाकि एडमिट कार्ड पर फोटो या नाम बदल जाने की सूचना मिली है, स्कूल प्रशासन ने छात्रों की आईडी दिखाई थी. उन्हें एडमिट कार्ड पर छात्रा का ओरिजनल फोटो लगाकर स्कूल से फारवर्ड करने के लिए बोला जा रहा है. इसके अलावा जिनके विषयों के बदलने की समस्याएं है, वह अपने स्कूलों से एक लेटर केंद्रों के नाम लिखकर भेजने को कहें, केंद्रों व डीआईओएस कार्यालय पर लेटर जमा करें. इसके बाद विभाग द्वारा मोहर लगाकर व सत्यापन कर प्रवेशपत्र को बदलकर लिख दिया जाएगा.

स्कूलों से भी आई शिकायतें

विभाग में स्टूडेंट्स ही नहीं बल्कि स्कूल संचालक भी समस्याएं लेकर आ रहे हैं. भैंसा के आर्यसिंह कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल स्नेहा शर्मा ने बताया कि उनके कॉलेज के दसवीं के दस स्टूडेंट्स के साथ सेम दिक्कत हुई है. वहीं, मेरठ अनूपनगर स्थित इस्माईल इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल रेनू सिंह ने बताया कि उनके यहां के दसवी के तीन और बारहवीं के 15 स्टूडेंट्स के साथ इस तरह की दिक्कतें आई है, जिसके चलते उन्होनें डीआईओएस के यहां लेटर सौंपा है.

नाम किसी का फोटो किसी का

वहीं, कार्यालय पर एडमिट कार्ड पर विषय के साथ ही कुछ के तो नाम व फोटो भी बदलने की कई शिकायतें सामने आ रही है. हाईस्कूल के परीक्षा फार्म साइबर कैफे से भराए थे. ऐसे में परीक्षा में शामिल होने में दिक्कत होगी, आईडी देकर परीक्षा में शामिल कराने का अनुरोध किया है.

केंद्रों ने मांगे पेपर

कई स्कूलों ने परीक्षा केंद्रों पर एडमिट कार्ड में गलत विषय होने की सूचना दी है. ऐसे में उन्होंने छात्र के चयनित विषय के अनुसार ही परीक्षा दिलाने का अनुरोध भी किया है. इसक बाद केंद्र व्यवस्थापकों ने इस बदलाव की वजह से कम होने वाले पेपर की डिमांड भी की है.

नहीं लग रहा पता

स्टूडेंटस को पता नहीं लग पा रहा है कि वो इसका समाधान कहां से करवाए. क्योंकि स्कूल भी उन्हें बोर्ड कार्यालय पर भेज रहे है, यहां उनको कोई डीआईओएस के पास जाने को कह रहा, तो कोई बाबू पैसों की डिमांड कर रहा है.