सिर्फ एक जगह है मिली इजाजत
अफगानिस्तान में जहां मुस्‍लिम महिलाओं को बुर्के में रखा जाता है। ऐसे देश में महिला स्‍वीमिंग पूल में तैराकी सीखे तो कुछ लोगों को तकलीफ होनी ही थी। यहां पर कुल 30 स्वीमिंग पूल हैं। इनमें से केवल एक ही पूल ऐसा है, जहां लड़कियों को तैरने की इजाजत है। लड़कियों को तैरने की अनुमति देने के कारण यह स्वीमिंग पूल अब कट्टरपंथी आतंकवादियों के निशाने पर है। इन लोगों का मानना है कि मुस्‍लिम महिला के लिए तैराकी अवैध है।

आतंकी धमकी से बेअसर अफगान महिला ने किया हिम्‍मत वाला काम
ओलंपिक की है तैयारी
मन में हौसला और सपनों को पूरा करने की जिद हो, तो धमकियां भी आपको नहीं रोक पातीं। इन धमकियों के बावजूद यहां कुछ ऐसी लड़कियां हैं जो किसी बात की परवाह किए बिना स्‍वीमिंग सीखने आ रही हैं। ये लड़कियां ओलंपिक में पदक जीतने की तैयारी में जी-जान से जुटी हैं। इन लड़कियों को सहारा दिया है 25 साल की युवती एलेना सबूरी ने।

आतंकी धमकी से बेअसर अफगान महिला ने किया हिम्‍मत वाला काम
धमकी के बावजूद नहीं हारी हिम्‍मत
वुमेंस स्वीमिंग कमेटी चलाने वाली एलेना सबूरी खुद एक प्रोफेशनल तैराक हैं, फिलहाल वह लड़कियों को तैरने की ट्रेनिंग दे रही हैं। बेहद कट्टरपंथी माहौल वाले अफगानिस्तान में इस तरह की कोशिश को दुस्साहस ही माना जाएगा। यहां महिलाओं के सार्वजनिक जीवन में हिस्सा लेने और यहां तक कि उनकी पढ़ाई-लिखाई करने पर भी हजारों पाबंदियां हैं। यहां का समाज महिलाओं को किसी भी खेल में हिस्सेदारी करने की इजाजत नहीं देता। ऐसे माहौल में सबूरी को उनकी एक महिला मित्र पहली बार तैराकी के लिए ले गई। इसके बाद सबूरी ने इंटरनेट पर विडियो देखकर और काबुल में एक स्वीमिंग पूल के अंदर तैरने का अभ्यास कर खुद को तैराकी में माहिर बना लिया।

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