19 साल बाद तोड़फोड़ और सरकारी कार्य में बाधा के आरोप से बाइज्जत बरी हुए कई सभासद

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ALLAHABAD: तोड़फोड़, सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में शनिवार को नगर निगम के कई अधिकारी गवाही से मुकर गए. इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा प्रवीण ने सभासद अतहर रजा लाडले, निजामुद्दीन, रानी सिंह, मुकेश केसरवानी, अनीस को बाइज्जत बरी कर दिया. सुनवाई के दौरान सह अभियुक्त राजबाला व नयन श्रीवास्तव की मौत हो गई थी.

1998 में दर्ज हुआ था केस

सिविल लाइंस थाने में छह जनवरी 1998 को नगर निगम के अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सभासदों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए कुर्सी-मेज तोड़ा और इस्तीफे की मांग की. अदालत में 19 साल के अंतराल में गवाही देने राकेश मोहन अस्थाना, राजेश्वर प्रसाद, आरपी प्रधान, वशारत हुसैन, एसएन पांडेय, कमर अब्बास, मो. अफसर और जगदीश शुक्ला आए, लेकिन कोर्ट में कहा कि भीड़ में देख नहीं पाए थे कि किसने क्या किया. इस पर अदालत ने सभी को बरी कर दिया.