महज 100 रुपये के लिए समीर की गई जान, आराोपी के परिजन घर छोड़ हुए फरार

पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर भेजा जेल

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JAMSHEDPUR: महज 100 रुपये के लिए मानगो रोड नंबर 17 निवासी समीर खान (18 वर्ष) की जान चली गयी. युवक की मौत की जानकारी मिलते ही शुक्रवार को गुस्साए लोगों ने क्रास रोड नंबर पांच स्थित आरोपित मो. समीर के घर में तोड़-फोड़कर आग लगा दी. यह तो संयोग था कि रिमझिम बारिश हो रही है, जिसके कारण आग भयंकर रूप नहीं लिया अन्यथा बड़ी घटना घट सकती थी. उधर, सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया. जानकारी मिलते ही सिटी एसपी प्रभात कुमार दलबल के साथ पटमदा डीएसपी, सिटी पहुंचकर बस्तीवासियों को शांत कराया. सिटी एसपी प्रभात कुमार मृतक समीर के घर जाकर उनके परिजन से मिले और तत्काल पांच हजार रुपये की सहायता राशि भी दी. मानगो पुलिस ने शुक्रवार की सुबह दोनों आरोपित को जेल भेज दिया.

क्या है पूरा मामला

घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी एक महिला ने बताया कि मृतक समीर रोड नंबर चार में स्थित दुल्हन सिंगार नामक दुकान में काम करता था. वह गुरुवार की संध्या 5.40 बजे अपनी ड्यू गाड़ी पर सवार होकर दो नंबर चौक के पास पहुंचा. वहां पर पहले से आरोपित मो. नसीम अपने चचेरे भाई मो. परवेज के साथ मौजूद था. दोनों आरोपित, समीर को रूकने को कहा. समीर जैसे रूका, दोनों आरोपित समीर को मारते-मारते क्रास रोड नंबर आठ कोना तक ले आया. वहां पर उससे 100 रुपये मांगी. जब वह पैसे देने से इन्कार कर दिया तो मोबाइल छीन लिया. परवेज उसे मारकर गिरा दिया. तब मो. नसीम ने सके सिर पर दे मारा. सिर पर चोट लगते ही समीर जमीन पर गिर गया.

लोग देखते रहे, नहीं रोकी मारपीट

लोग देखते रहे और समीर की जान चली गयी. यदि समय रहते आसपास के लोग एकजुट होकर मारपीट को रोक देते तो समीर की मौत नहीं होती. इसी बीच एक महिला व एक युवक छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपित के भय से कोई कुछ नहीं कर पाया. घटना की जानकारी मिलते ही आरोपित नसीम की मां आई और अपने बेटे को साथ में ले गयी.

दुकान में नौकरी के साथ करता था पढ़ाई

टाटा मुख्य अस्पताल से समीर की मौत की जानकारी जैसे ही बस्तीवासियों को हुई. आरोपित के प्रति लोगों में जबरदस्त आक्रोश था. समीर के पिता नजीर आटो चलाने का काम करते हैं. जबकि घर का खर्च चलाने के लिए समीर खुद कड़ी मेहनत करता था. वह वर्कर्स कॉलेज में इंटर पार्ट टू में पढ़ाई भी करता था. लोगों का कहना था कि दोनों चचेरे भाई हमेशा मारपीट, छिनतई, राह चलते महिलाओं से छेड़खानी करता रहता है. मानगो थाना प्रभारी अरुण कुमार महथा ने बताया कि मो. नसीम पूर्व में दो-तीन बार जेल जा चुका है.