सोशल साइट्स के जरिये फैल रहे अफवाहों पर लगाम के लिए यूपी पुलिस ने उठाया कदम

- फेसबुक, वाट्सएप, इंस्ट्राग्राम, ट्विटर आदि पर सतर्क होकर करें मैसेज फारवर्ड या जनरेट

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ALLAHABAD: सोशल मीडिया के जरिये किसी भी धार्मिक, राजनीतिक और किसी को आहत करने वाला वीडियो या फोटो वायरल करना साइबर क्राइम कानून के तहत अपराध है. इसके तहत सात वर्ष तक की सजा का प्राविधान है. इसके बाद भी मनमानी पर रोक नहीं लग पा रही है. फेसबुक, वाट्सएप, इंस्ट्राग्राम, ट्विटर आदि के जरिये लगातार आपत्तिजनक चीजें पोस्ट की जा रही हैं. अब इस पर अंकुश लगाने के लिए यूपी पुलिस ने रासुका लगाने का निर्णय लिया है.

सामने आ चुके हैं कई मामले

2013 में हुआ मुजफ्फरनगर कांड हो या फिर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन का मामला. अब हर मामले में सोशल मीडिया व सोशल साइट्स का जबर्दस्त इस्तेमाल किया जा रहा है. आपत्तिजनक पोस्ट थोड़ी ही देर में पूरे देश में वायरल हो जा रही है. सोशल मीडिया व सोशल साइट्स के जरिये माहौल बिगाड़ने की साजिश के कई मामले पिछले दिनों सामने आ चुके हैं.

डीजीपी ने जारी किया निर्देश

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए फैल रहे आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है. इसके तहत अब जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया व सोशल साइट्स पर आपत्तिजनक चीजें पोस्ट करेगा, उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

बनाए जाएंगे डिजिटल वालेंटियर

सोशल मीडिया के जरिये अफवाहों के साथ ही आपत्तिजनक चीजों के पोस्ट को रोकने के लिए यूपी पुलिस प्रदेश के सभी थानों में डिजिटल वालेंटियर बनाने जा रही है. ये वालेंटियर सोशल मीडिया में फैलने वाली अफवाहों पर रोक लगाने का प्रयास करेंगे. डिजिटल वालेंटियर के लिए पुलिस फार्म भरवाएगी. फॉर्म का सत्यापन एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे. टीचर, प्रिंसिपल, रिटायर्ड फौजी, पुलिस पेंशनर, पत्रकारों को डिजिटल वालेंटियर बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी. यूपी पुलिस की वेबसाइट से डिजिटल वालेंटियर के फॉर्म डाउनलोड किए जा सकते हैं.

लैब के जरिये भी रखेंगे निगरानी

सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए मेरठ में पुलिस विभाग की ओर से पहला सोशल मीडिया लैब बनाया जा रहा है, जो जल्द ही चालू हो जाएगा. यहां सोशल मीडिया पर आने वाले आपत्तिजनक चीजों पर नजर रखी जाएगी. लैब के जरिये ये पता लगाया जाएगा कि आपत्तिजनक पोस्ट किसने डाला है. इसके बाद कितने लोगों ने आगे फारवर्ड किया है, कितने लोगों ने लाइक और कमेंट किया है.

ऐसे रखी जाएगी निगाह

- सोशल मीडिया पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर

- वाट्सएप पर ग्रुपों में आने वाले मैसेज और फोटो पर नजर

ब्राड ट्रेंड को देखा जाएगा, किस तरह के मैसेज आ रहे अधिक

- किस आईडी से होते हैं सबसे अधिक मैसेज और किस प्रकार के होते हैं

- कहां से किस आईडी का हो रहा है प्रयोग और कौन है संचालनकर्ता