-आतंकी हमलों से नहीं टूटता सेना में जाने का जज्बा

-जिले में रोजाना दो हजार से अधिक युवा करते अभ्यास

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हमले के बाद देश में गुस्से और जज्बात का माहौल है. शहीदों के साथ हुए बर्ताव को लोग भूल नहीं पा रहे. एक तरफ जवानों की चिताएं जल रही तो दूसरी ओर उनके रोते-बिलखते बच्चों का चेहरा लोगों के दिलो-दिमाग पर छाया है. आतंकी चाहे जितनी कोशिश कर लें कि लेकिन देश सेवा के प्रति युवाओं का जज्बा नहीं तोड़ पाएंगे.

गली-मोहल्ले में फौज तैयार हो रही है
आतंकी सोचते होंगे कि वह अपने मंसूबे से लोगों को डरा देंगे पर लेकिन मुंह तोड़ जवाब देने के लिए गली-मोहल्ले में फौज तैयार हो रही है. सेना में जाने के अरमान पाले युवा भी आतंकी हमले से काफी बेचैन हैं. लेकिन यह बेचैनी वह नहीं जिससे उनका हौसला डिग जाए. बल्कि यह वह बेचैनी है जिसने युवाओं का हौसला बढ़ा दिया है. सैन्य सेवाओं की भर्ती के लिए अपने को फिजीकली फिट करने में जुटे नौजवान अब जल्द से जल्द वर्दी पहनने के लिए छटपटा रहे हैं. ऐसे युवाओं का कहना है कि वह एक मारेंगे हम 10 तैयार होंगे. हर हाल में आतंकियों को उनकी गोली का जवाब देंगे.

भर्ती तैयारी वाले युवाओं से बातचीत
हम लोग दो साल से लगातार सेना भर्ती की तैयारी में जुटे हैं. ऐसी घटनाओं से मन विचलित होता है. लेकिन इसके बाद भी सेना में जाने का जज्बा कम नहीं होता. देश सेवा के लिए कुर्बानी देने से बड़ा कोई गौरव नहीं हो सकता है.

आकाश कुमार
आतंकियों को लगता है कि इस तरह के हमले कर देश को कमजोर कर देंगे. लेकिन वो एक जवान को मारेंगे तो यहां- यहां हर गली, मोहल्ले में 10-10 जवान तैयार हो जाएंगे. मौका मिला तो जरूर इसका जवाब दूंगा.

रामाशीष कुमार
लोगों को लगता है कि जवान सिर्फ नौकरी के लिए सेना में जाता है. लेकिन यह देश सेवा का जज्बा होता है जो युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करती है. ऐसे आतंकी हमलों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.
रंजीत साहनी

किसी परिवार के लिए किसी अपने को खोना बढ़ी बात होता है. हर मां-बाप चाहते हैं कि उनका बेटा ऐसा करें जिससे उनका नाम रोशन हो. देश के लिए शहीद होने वाले जवानों पर हर किसी को फक्र है.
आनंद मिश्रा

पहले लगता था कि इस तरह की घटना होने पर परिवार के लोग मना करेंगे. लेकिन ये उन सभी के लिए गौरव की बात है सेना की वर्दी पहनकर देश के लिए कुछ पा रहे हैं.
सोनू सिंह