-हाईकोर्ट ने दिया आदेश, तोमर रजिस्ट्रार के समक्ष मौजूद रहें

क्कन्ञ्जहृन्:दिल्ली सरकार में कानून मंत्री रहे और आप पार्टी के विधायक जितेन्द्र सिंह तोमर की फर्जी लॉ डिग्री मामले पर गुरुवार को पटना हाइकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ में सुनवाई हुई. खंडपीठ ने तिलकामांझी (भागलपुर) विश्वविद्यालय को तीन महीने के अन्दर तोमर की लॉ डिग्री की नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया. यह आदेश मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश राजीव रंजन प्रसाद की खंडपीठ ने तोमर की एक अपील पर सुनवाई करते हुए दिया. अरविन्द केजरीवाल के मंत्रिमंडल में कानून मंत्री रहे तोमर ने पहले एकलपीठ में भागलपुर विश्वविद्यालय द्वारा लॉ की फर्जी डिग्री को अवैध करार करने के खिलाफ चुनौती दी थी. एकलपीठ से राहत नहीं मिलने के बाद याचिकाकर्ता ने दो सदस्यीय खंडपीठ में चुनौती दी है. खंडपीठ ने तोमर को 15 मई को विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के समक्ष मौजूद रहने का भी निर्देश दिया. ताकि वे जांच प्रक्रिया में विश्वविद्यालय को सहयोग कर सकें. ज्ञात हो कि विश्वविद्यालय ने आदेश से पहले तोमर की लॉ डिग्री को फर्जी करार दे चुका है. जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी. आरोप लगाया कि अनुपस्थिति में ही विश्वविद्यालय ने जांच किया, सफाई देने का मौका भी नहीं दिया.